कालका व पिंजौर में तीन दिन में स्वाइन फ्लू से दूसरी मौत होने के बाद लोग भयभीत हैं। बुधवार को कालका की टिपरा कॉलोनी निवासी एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। इससे पहले सोमवार को पिंजौर के एक व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है।
महिला के पति जयप्रकाश ने बताया कि उसकी पत्नी वीना (45) काफी समय से शुगर की रोगी थी। कुछ दिन से उसे बुखार था। उसका इलाज पिंजौर के एक अस्पताल में चल रहा था। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे सेक्टर-32 चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां मंगलवार को उसे स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई। बुधवार दोपहर वीना की अस्पताल में मौत हो गई।
संस्कार में मास्क लगाए दिखे लोग
मृतका के पति ने बताया कि डॉक्टरों ने शव पूरी तरह कपड़े में लपेटकर दिया। हिदायत दी गई कि इसे बिना खोले संस्कार किया जाए। इसके बाद शव घर भी नहीं लाया गया और सीधे कालका श्मशानघाट ले जाकर संस्कार कर दिया गया। संस्कार के दौरान सभी ने मुंह मास्क से ढके रखा।
परिजनों ने लगाया था लापरवाही का आरोप
इससे पहले पिंजौर की लेखूराम कॉलोनी निवासी जगमाल जस्सल (56) की बीते सोमवार मौत हो गई थी। इस पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मृतक के भाई मदन जस्सल ने बताया कि उनके भाई को जनवरी के अंतिम सप्ताह में खांसी की शिकायत थी। बुखार भी था। इस पर उसे दो फरवरी को एक निजी अस्पताल ले गए थे। यहां से मरीज को पीजीआई रेफर किया गया था।
चार फरवरी शाम को रिपोर्ट आने पर स्वाइन फ्लू की बात कही गई थी। परिजनों के अनुसार, चार दिन में ही मरीज को रिकवरी बताकर भेज दिया गया और स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट नेगटिव बताई गई। परिजनों के अनुसार, 10 फरवरी को हालत खराब होने लगी तो डॉक्टरों ने मरीज को अस्पताल में वेंटीलेटर न होने का कहकर अमैक्स ले जाने को कहा था। सोमवार दोपहर तीन बजे मरीज की मौत हो गई थी।