सोनीपत शहर में साल 1996 में हुए सिलसिलेवार दो बम धमाकों के मामले में फैसला का इंतजार कर रहे लोगों को 21 साल बाद सोमवार को न्याय मिलने की उम्मीद है। मामले में आरोपी अब्दुल करीम टुंडा को लेकर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ.सुशील गर्ग की अदालत में बहस पूरी हो चुकी है और 9 अक्टूबर की तारीख दी गई है। मामले में शिकायतकर्ता के साथ ही पीड़ित व गवाह फैसने का इंतजार कर रहे हैं।
सोनीपत शहर में 28 दिसंबर, 1996 को दो स्थानों पर बम ब्लास्ट हुए थे। उस दिन शाम के समय पहला धमाका बस स्टैंड के पास स्थित बावा-तराना सिनेमा के निकट हुआ तो उसके महज दस मिनट बाद दूसरा धमाका गीता भवन चौक स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार के पास हुआ था। धमाके में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस संबंध में इंदिरा कालोनी निवासी सज्जन सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया था।
सज्जन सिंह ने बताया था कि वह अपने साथी अनिल के साथ फिल्म देखने आया था। इस दौरान हुए धमाके में उसके अलावा 11 अन्य लोग घायल हुए थे। बाद में पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों गाजियाबाद निवासी अब्दुल करीम टुंडा व उसके दो साथियों अशोक नगर, पिलखुआ निवासी शकील अहमद और अनार वाली गली तेलीवाड़ा, दिल्ली निवासी मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामरान को नामजद किया था।
पुलिस ने शकील और कामरान को वर्ष 1998 में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन टुंडा घटना के बाद फरार हो गया था। बाद में उसे दिल्ली पुलिस ने नेपाल की सीमा से काबू किया था। सोनीपत में चल रहे मामले में सभी 50 गवाही हो चुकी है। साथ ही बहस भी पूरी हो चुकी है। इस मामले में पहले ही काबू किए गए शकील व कामरान सुनवाई के बाद बरी हो चुके हैं।