1984 के सिख विरोधी दंगे पर आप ने मोदी को लिखा पत्र
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आम आदमी पार्टी ने 1984 के सिख विरोधी दंगे की 32वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि 12 फरवरी, 2015 को केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से दंगे के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए गठित एसआईटी अगले तीन महीने में उन सभी मामलों को दोबारा खोले, जिसे पुलिस ने राजनीतिक दबाव में बंद कर दिए थे।
राजौरी गार्डन (दिल्ली) से आप विधायक और पंजाब मामलों के को-इंचार्ज जरनैल सिंह ने मंगलवार को चंडीगढ़ में मोदी को लिखा पत्र जारी करते हुए मांग की कि मोदी सरकार अगले तीन महीने में एसआईटी को सक्रिय करे या फिर एसआईटी गठित करने का अधिकार दिल्ली की आम आदमी पार्टी को सुपुर्द कर दे।
आम आदमी पार्टी ने तीन नवंबर को मोहाली में दंगे के प्रभावितों को इंसाफ दिलाने के लिए एक दिवसीय भूख हड़ताल करने का भी एलान किया है। इसमें पंजाब के कनवीनर गुरप्रीत घुग्गी, सांसद भगवंत मान, एडवोकेट एचएस फूलका, हिम्मत सिंह शेरगिल, कंवर संधू, सुखपाल सिंह खैरा और विधायक जरनैल सिंह भी भाग लेंगे।
दंगे के पीड़ितों के लिए वीरवार को आप करेगी भूख हड़ताल
चंडीगढ़ में पंजाब आप के सह प्रभारी जरनैल सिंह की प्रेस कांफ्रेंस
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मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में आप विधायक जरनैल सिंह ने बताया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की 49 दिनों की सरकार के समय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 1984 के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए विशेष जांच टीम गठित करने का फैसला लिया था, लेकिन लोकपाल के मुद्दे पर 49 दिनों बाद सरकार चली गई।
14 फरवरी, 2015 को जब केजरीवाल की सरकार ने फिर से शपथ लेनी थी तो दो दिन पहले 12 फरवरी, 2015 को मोदी सरकार ने एसआईटी गठित कर अगले 6 माह में सभी केस फिर से खोलने का वादा किया, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बावजूद कोई केस री-ओपन नहीं किया गया। जरनैल सिंह ने पंजाब कांग्रेस के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से 1984 के आरोपी जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को दी गई क्लीनचिट को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि कैप्टन के आरोपियों के साथ न केवल राजनीतिक बल्कि व्यापारिक रिश्ते भी हैं, जिनकी उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।