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1984 दंगा: राहुल के बचाव में पंजाब कांग्रेस आक्रामक

Sat, 08 Feb 2014 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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दिल्ली के 1984 सिख दंगों पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान और आपरेशन ब्लू स्टार में ब्रिटेन की भूमिका के खुलासे से बैकफुट पर गई पंजाब कांग्रेस ने शुक्रवार को अकाली दल पर आक्रामक मोर्चा खोला।
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने आरोप लगाया है कि स्वर्ण मंदिर में जब आपरेशन ब्लू स्टार हुआ, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल उत्तराखंड में अपने फार्म हाउस में जाकर छिप गए थे।

इसके साथ ही कैप्टन ने 84 के सिख विरोधी दंगों के बारे में कहा कि वह 31 अक्तूबर, 1984 की रात दंगा शुरू होने के बाद एक से तीन नवंबर तक दिल्ली में थे।

वह उन सभी पीड़ितों से मिले थे जिन्होंने दिल्ली के गुरुद्वारों में शरण ली हुई थी। उस वक्त आरोपियों के जो नाम सुने थे, वह एचकेएल भगत, धर्मदास शास्त्री, अर्जुन दास, ललित माकन और सज्जन कुमार के थे।
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इनमें से पहले चार अब दुनिया में नहीं रहे और परमात्मा ही उनको सजा देगा। वहीं, सज्जन कुमार पर अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए।

कैप्टन अमरिंदर ने आरोप लगाया कि 84 दंगों में 49 भाजपा और आरएसएस नेताओं के खिलाफ 14 मामले दर्ज हुए थे। इसके अलावा गैर जिम्मेदाराना ढंग से बादल ने सेना में शामिल सिखों को बगावत करने के लिए उकसाया था।

कैप्टन ने कहा कि बादल के उकसावे में कई सिख सिपाही बगावत कर गए और उन्हें 18 साल जेल में रहना पड़ा। इस दौरान बादल ने उन सिपाहियों के परिजनों की सुध नहीं ली।

सिपाही जब जेल से रिहा हुए तो उन्हें कोई काम भी नहीं दिया गया। कैप्टन ने कहा कि बादल को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने अंदर झांकना चाहिए।

फार्म हाउस में छिपे थे बादल : कैप्टन
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर ऑपरेशन ब्लू स्टार जैसे गंभीर मुद्दे का सियासी फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि बादल ने ऑपरेशन ब्लू स्टार के समय बादल बचने के लिए उत्तर प्रदेश के बाजपुर में एक फार्म हाउस में जाकर छिप गए थे।

कैप्टन ने सवाल किया कि पंजाब में आतंकवाद के दौरान 35 हजार बेकसूर लोगों की हत्या के मुद्दे पर बादल एक शब्द भी नहीं बोलते। बसों और ट्रेनों से खींच-खींचकर मारे गए लोगों के साथ इतना पक्षपात क्यों किया जा रहा है?
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