1965 युद्ध के हीरो रहे महावीर चक्र विजेता बिग्रेडियर संत सिंह का बुधवार को निधन हो गया। दिल की बीमारी के बाद उन्हें फोर्टिस हास्पिटल में एडमिट कराया गया था।
बिग्रेडियर संत सिंह ने द्वितीय विश्व युद्ध, 1948, 1965 व 1971 के युद्ध में हिस्सा लेकर दुश्मनों के छक्के छुड़ाए थे। इसके अलावा उन्होंने 1962 में चीन के साथ युद्ध में हिस्सा लिया था। वे हिंदुस्तान के उन चुनिंदा आर्मी अफसर में से एक हैं, जिन्हें दो बार महावीर चक्र से नवाजा गया है। उन्हें 1965 और 1971 में पाकिस्तान के युद्ध में महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।
उनके नाम की सिफारिश की परमवीर चक्र और तीसरे महावीर चक्र के लिए भी की गई थी। वे देश के पहले आर्मी आफिसर थे, जिनके नाम पर कैन्टोनमेंट का नाम रखा गया था। 1965 के युद्ध में उन्होंने मेंढर सेक्टर में अपने शौर्य का प्रदर्शन किया था। इसी सेक्टर में स्थित कैन्टोनमेंट का नाम बिग्रेडियर संत सिंह पर रखा गया है।