पंचकूला में जलेगा सबसे बड़ा रावण
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पंचकूला में इस साल दशहरे पर 171 फुट के रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट (दशहरा कमेटी), श्री कृष्ण कृपा परिवार ट्रस्ट पंचकूला और श्री आदर्श रामलीला ड्रामाटिक क्लब पंचकूला ने 24 अक्तूबर को सबसे बड़े रावण दहन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। तीनों संस्थाएं 21, 22, 23 अक्तूबर की शाम को 6 से 9 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेंगी।
जुटे हैं 25 कारीगर
इस रावण को बनाने में 25 कारीगर लगे हैं। इस पर करीब 18 लाख का खर्च आएगा। इस पुतले को बनाने में करीब 25 क्विंटल लोहा, 500 बांस के टुकड़े, 3000 मीटर लंबा मैट, 3500 मीटर कपड़ा लगेगा। एक क्विंटल फाइबर से रावण का चेहरा तैयार किया जा रहा है। इसके अंदर इको फ्रेंडली पटाखे लगाए जा रहे हैं। इन्हें
तमिलनाडु से मंगवाया जा रहा है। उसके अलावा यह रावण पूरी तरह से इको फ्रेंडली है। रिमोट से रावण दहन किया जाएगा। इस दौरान कई प्रसिद्ध हिंदी और पंजाबी गायकों को बुलाया जाएगा।
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13 अक्तूबर से समारोह शुरू होगा और 24 अक्तूबर को रावण दहन पर समापन होगा। आयोजकों ने दावा किया कि इस वर्ष देश के सबसे बड़े रावण का शालीमार ग्राउंड सेक्टर-5 में दहन होगा। यह 2018 के बाद दूसरा मौका है, जब देश का सबसे बड़ा रावण पंचकूला में जलेगा।
तेजिंद्र सिंह राणा पंचकूला के सेक्टर-5 में 171 फीट ऊंचा रावण तैयार करवा रहे हैं। इस पर तीन महीने से काम चल रहा है। विष्णु गोयल, संदीप गुप्ता, कुसुम कुमार गुप्ता, तेजपाल गुप्ता ने बताया कि तीनों बड़ी संस्थाएं एक मंच पर आईं हैं। अब परेड ग्राउंड में दशहरा समारोह नहीं होगा। श्री कृष्ण कृपा परिवार की तरफ से शालीमार ग्राउंड में बड़े रावण के साथ एक 70 फीट का पुतला जलाया जाएगा, जिसमें समाज की विभिन्न बुराइयों का दहन किया जाएगा।
धनास और पंचकूला में हो चुका है 221 फीट रावण का दहन
अंबाला के बराड़ा में पहले 220 फीट का रावण जलाया गया था। चंडीगढ़ के धनास में भी साल 2019 में 221 फीट के रावण का दहन हो चुका है। पंचकूला में भी एक बार 211 फीट के रावण का दहन किया जा चुका है।