हरदात के परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि वह अपने स्कूल से घर लौटा था और 4 बजे वॉशरूम में गया। इसके बाद दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। वह रिवाल्वर को अंदर छुपाकर ले गया था। फिर खुद के सिर में गोली मार ली और हरदात की मौके पर ही मौत हो गई।
लगा जैसे गीजर में ब्लास्ट हुआ
हरदात की मां ने पुलिस को बताया कि जब उसने गोली चलाकर जान दी थी तो बड़ी जोर से धमाका हुआ। उन्हें ऐसे लगा मानो वॉशरूम में गीजर फट गया हो। लेकिन हरदात ने अंदर से दरवाजा नहीं खोला। उन्होंने काफी शोर मचाया और फिर अपने पति को फोन किया और पुलिस कंट्रोल रूम को भी सूचित किया।
मां की मौत के बाद से डिप्रेशन में था
थाना फेज-11 के एसएचओ कुलवीर सिंह ने बताया कि मृतक का परिवार मूलरूप से बठिंडा का रहने वाला है। उसकी मां की बचपन में ही मौत हो गई थी। उसी समय से वह परेशान रहता था और घर में ज्यादा किसी से बात नहीं करता था। उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली थी और उसके पिता दूसरी पत्नी को और उसे मोहाली में ले आए थे।
अच्छी शिक्षा देने बठिंडा से आए थे मोहाली
मृतक के पिता ने पुलिस को बताया कि बठिंडा से मोहाली में बच्चे को अच्छी शिक्षा देने के लिए लाए थे। अपना बिजनेस यहीं पर सेट कर लिया। चडीगढ़ के नामी कॉन्वेंट स्कूल में दाखिला दिलवाया, ताकि उसका मन पढ़ाई में लग जाए और अपनी मां की मौत का सदमा उसके दिमाग से दूर हो जाए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और बेटे की मौत ने उनका सब कुछ बर्बाद कर दिया है।