फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्टेट इंफार्मेशन कमीशन ने निगम के ईओ को लगाई फटकार

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
स्टेट इंफार्मेशन कमीशन ने निगम के ईओ को लगाई फटकार

- आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी न देने पर जताया ऐतराज
- आदेश में लिखा, ईओ अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी न देने पर स्टेट कमीशन ने कड़ा ऐतराज जताते हुए नगर निगम के ईओ जरनैल सिंह को फटकार लगाई है। इतना ही नहीं कमीशन ने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं और उनका रवैया एरोगेंट है। कमीशन ने जरनैल सिंह को आदेश दिया है कि वह खुद पेश होकर अपना जवाब 16 जनवरी तक पेश करें। अन्यथा उनके खिलाफ पैनल प्रोसीडिंग्स शुरू कर दी जाएगी। नगर निगम से आरटीआई के तहत जानकारी मांगने वाले लोक सर्वहितकारी सोसायटी के चेयरमैन राकेश अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने मई 2018 में नगर निगम पंचकूला से जानकारी मांगी थी, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो इसकी शिकायत चंडीगढ़ स्थित स्टेट इंफार्मेशन कमीशन में दी गई। कमीशन द्वारा बार-बार जवाब मांगने और बुलाने के लिए निगम कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह को आदेश दिए गए। लेकिन जरनैल सिंह ने कमीशन को कोई जानकारी नहीं दी। जिसके चलते कमीशन ने सख्त आदेश सुनाते हुए उनके रवैये पर ऐतराज जताया और अपने आदेश में लिखा है कि वे अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं और उनका रवैया एरोगेंट है।

अधिकारी उड़ा रहे नियमों की धज्जियां
सोसायटी के चेयरमैन का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारियों द्वारा आरटीआई के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। निगम अधिकारी हर काम में घपले और इसकी सच्चाई को छिपाने का काम कर रहे हैं। राकेश का कहना है कि अधिकारियों का यह रवैया गलत है। आरटीआई के तहत मांगी जाने वाली जानकारी का जवाब देना एसपीईओ कम कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि यदि निगम से जानकारी दी भी जाती है तो वह आधी-अधूरी होती है। कभी लिखा जाता है कि पार्क की निगम के पास अधिकारी की ओर से चेकिंग का रिकॉर्ड ही नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मजबूर होकर स्टेट कमीशन का दरवाजा खटखटाया
राकेश अग्रवाल ने बताया कि जानकारी न मिलने पर मजबूर होकर स्टेट कमीशन का दरवाजा खटखटाया। लेकिन निगम के अधिकारियों को स्टेट इंफार्मेशन कमीशन के नोटिस की भी परवाह नहीं हैं। कई बार कमीशन की ओर से शोकॉज नोटिस भेजे गए और फाइन भी लगाया लेकिन सुधार नहीं हुआ। वहीं राकेश अग्रवाल का कहना है कि कोई वेतन से 25 हजार रुपये का जुर्माना कैसे बर्दाश्त कर सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें