पति को नौकरी के साथ तीन का लाख का मुआवजा, फिर हुआ अंतिम संस्कार
आशा वर्कर शीला के शव का सोमवार को मनीमाजरा में किया गया दाह संस्कार, बेटियों को निशुल्क शिक्षा
सर्जरी में देरी के कारण गर्भवती आशा वर्कर और गर्भस्थ शिशु की हुई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। आशा वर्कर शीला की मौत के चार दिन बाद सोमवार को परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। गौर रहे कि सर्जरी में देरी के कारण गर्भवती आशा वर्कर और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने सेक्टर-6 जनरल अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। परिजनों को तीन लाख का मुआवजा, बच्चों की निशुल्क शिक्षा और पति को नौकरी के आश्वासन के बाद दाह संस्कार किया गया। शीला का अंतिम संस्कार मनीमाजरा के श्मशान घाट पर किया गया।
संस्कार में शामिल नहीं हुआ स्टाफ
तीन साल से जिस जनरल अस्पताल में शीला काम कर रही थी। उसके संस्कार में वहां से एक भी डॉक्टर नहीं पहुंचा। इसे लेकर शीला के पति राकेश दुखी हुए। उन्होंने कहा कि सेफ डिलीवरी के लिए मेरी पत्नी शीला हमेशा सभी का ध्यान रखती थी। उसकी खुद की डिलीवरी में डॉक्टरों ने लापरवाही बरती। इस कारण उसकी मौत हो गई। लापरवाह डॉक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। शीला के अंतिम संस्कार में विधायक ज्ञान चंद गुप्ता पहुंचे थे।
जल्द पूरी होगी मामले की जांच
हरियाणा दलित मोर्चा अध्यक्ष दलबीर वाल्मीकि ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से शीला के पति को ठेके पर नौकरी दी जाएगी, तीन लाख रुपये का मुआवजा और दोनों बेटियों को निशुल्क शिक्षा दिलाई जाएगी। इन आश्वासनों के साथ-साथ शीला की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच जल्द पूरी की जाएगी। वहीं, विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीएमओ से बात की गई थी। आशा वर्कर को तीन लाख का बीमा दिया जाता है। बीमे की राशि परिवार को दिलाई जाएगी। मृतक शीला के पति राकेश को कांट्रैक्ट बेस पर नौकरी पर लगवाया जाएगा। वीरवार देर रात को शीला की हालात खराब होने केे बाद उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया था। पीजीआई पहुंचते ही उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। इस पर अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।