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गुरुकुल स्कूल में अमेरिकन गांधी ने दिया अंहिसा का संदेश

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गुरुकल के छात्रों का अमेरिकन गांधी ने चौथे बंदर से कराया परिचय

डू नो एविल के नाम से हिट है चौथा बंदर, साइबर क्राइम को दे रहा बढ़ावा
बनार्ड बर्नी मेयर ने दिया अंहिसा का संदेश, हर साल करते हैं चंडीगढ़ का दौरा

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
मैसेंजर ऑफ पीस के नाम से प्रसिद्ध 81 वर्षीय बनार्ड बर्नी मेयर शनिवार को जीरकपुर के दा गुरुकुल पहुंचे। उन्होंने यहां बच्चों को अहिंसा का संदेश दिया। इसी के साथ उन्होंने स्कूल स्टाफ और बच्चों को समाज के चौथे बंदर से अवगत करवाया। अमेरिका निवासी बनार्ड बर्नी मेयर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह परिधान पहनकर उनके द्वारा दी गई अहिंसा व गैर हिंसा की शिक्षाओं का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। बर्नी मेयर को बहुत से लोग अमेरिकन गांधी के नाम से भी जानते हैं। वह वर्तमान में चंडीगढ़ में एनजीओ युवा सत्ता के ग्लोबल यूथ पीस फेस्टिवल में भाग लेने के लिए आए हैं। वह 2009 से युवा सत्ता एनजीओ के साथ जुड़े हैं और हर साल चंडीगढ़ का दौरा करते हैं। युवा सत्ता एनजीओ के संस्थापक प्रमोद शर्मा के अनुसार हमारा उद्देश्य युवाओं की मांगों और आकांक्षाओं को उजागर करना है, ताकि देश के युवा एकजुट होकर आवाज उठा सकें और एक नई शांतिपूर्ण दुनिया को आकार दे सकें। मेयर ने दा गुरुकुल के स्टूडेंट्स को गांधी के तीन बंदरों के संदेश बुरा न देखो, बुरा न बोलो और बुरा न सुनो की याद दिलाते हुए चौथे बंदर के बारे में भी बताया, जो डू नो एविल के नाम से हिट है, जिसके बारे में उनका मुख्य संकेत इंटरनेट व मोबाइल फोन से है। जो समाज में साइबर क्राइम को बढ़ावा दे रहा है। स्टूडेंट्स व युवाओं में हिंसा फैला रहा है। अमेरिकन गांधी द्वारा स्टूडेंट्स के साथ की गई बातचीत की गुरुकुल के स्टूडेंट्स ने खूब सराहना की।
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