शीला के परिजनों ने दी चेतावनी-रिपोर्ट दर्ज होने तक नहीं करेंगे अंतिम संस्कार
पीएमओ ने माना लापरवाही हुई है, जांच के बाद की जाएगी सख्त कार्रवाई
अस्पताल प्रबंधन ने करवाया पोस्टमार्टम, परिजनों को नहीं दी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
आशा वर्कर शीला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद परिजनों ने शनिवार को भी सेक्टर-6 जनरल हॉस्पिटल में जमकर हंगामा किया। उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक मामले में आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्जकर उनकी गिरफ्तारी नहीं होती, तब तब वह शव का दाह संस्कार नहीं करेंगे। अस्पताल प्रबंधन की आर से आशा वर्कर का पोस्टमार्टम कर दिया गया है। इसके बाद परिजन उसका दाह संस्कार करने को तैयार नहीं है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले की रिपोर्ट परिजनों को नहीं दी गई है। इस मामले को लेकर परिजन सुबह से ही अस्पताल के परिसर में जमा हो गए। उनके साथ आशा वर्करों ने सेक्टर-6 जनरल अस्पताल के सामने धरना प्रदर्शन किया है। इस मामले को बढ़ता देख भारी पुलिस बल अस्पताल के बाहर तैनात किया गया। पंचकूला पुलिस की एसीपी, तहसीलदार सहित विभिन्न थाना प्रभारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह समझाने में सफल नहीं रहे। इसके बाद भी परिजनों शव नहीं ले रहे हैं। इस मामले को बढ़ता देख पुलिस की एसीपी नुपूर बिश्रोई ने भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अस्पताल के एंट्री गेट पर तैनात रहा पुलिस बल
मामले में परिजन जब वह शव लेने से इंकार कर रहे थे, तब अस्पताल की सुरक्षा में एंट्री गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जनरल अस्पताल की पीएमओ डॉक्टर मनकिरत कौर ने बताया कि शीला की मौत के मामले में लापरवाही हुई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली
मृतक महिला के पति राकेश, जेठ राजेश और जेठानी ज्योति की मांग पर पुलिस की ओर से अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली गई। आशा वर्कर के परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर देरी से पहुंची। इस कारण इलाज समय पर नहीं मिल पाया। इलाज में अभाव के कारण शीला की मौत हो गई। इस पर पीएमओ डॉ मनकिरत कौर ने कहा कि पुलिस इस मामले की सीसीटीवी फुटेज लें। पुलिस ने फुटेज लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया था कि महिला को डिलीवरी के लिए सेक्टर-6 अस्पताल में वीरवार को भर्ती करवाया गया । भर्ती करवाए जाने के बाद उसे सही इलाज नहीं मिला। अस्पताल से पीजीआई डॉक्टरों ने देरी से रेफर किया। गायनी वार्ड में तैनात डाक्टर शीला के इलाज के लिए एक घंटे बाद पहुंची थीं। इस कारण बच्चा पहले ही उसके पेट में मर गया था। इसके बाद पीजीआई पहुंचने से पहले शीला की मौत हो गई। डॉक्टरों की लापरवाही के कारण यह हालात बने हैं। उन्होंने मांग की है कि आरोपी डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाए।
सीसीटीवी चेक करो स्वीपर लगा रहे इंजेक्शन
शीला की जेठानी ज्योति ने आरोप लगाया कि अस्पताल में स्वीपर इंजेक्शन लगाते हैं। इसका सीसीटीवी अस्पताल की ओर से कभी चैक नहीं किया जाता है। जब मरीज भर्ती होता है तो नर्सों की ओर से ध्यान नहीं दिया जाता है। इसी कारण शीला की मौत हो गई। पंचकूला एसीपी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जो भी कार्रवाई बनेगी वह की जाएगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर अस्पताल में नहीं रहते हैं। स्वीपर स्ट्रिप लगाकर ग्लूकोज चढ़ा रही हैं। अगर पेशेंट मना करती हैं तो वह उनसे बदतमीजी करती हैं। इस तरह की लापरवाही के कारण यह हादसा होता है। एंबुलेंस के ड्राइवर भी समय पर नहीं मिल पाते हैं। पंचकूला एसीपी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जो भी कार्रवाई बनेगी, वह की जाएगी।