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एमके नारायण की गवाई कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली ऑर्डर कॉपी

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एमके नारायण की गवाही कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली ऑर्डर कॉपी
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- छत्रपति और रंजीत हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट में हुई सुनवाई
- सीबीआई कोर्ट को था लंबे समये से ऑर्डर की कॉपी का इंतजार
- राम रहीम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में हुआ पेश
- केस के अन्य आरोपियों ने प्रत्यक्ष रूप से लगाई हजारी

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। यौन शोषण मामले में जेल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम पर चल रहे पत्रकार छत्रपति और रंजीत हत्या मामले में शुक्रवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई हुई। आरोपी राम रहीम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया, जबकि केस से संबंधित अन्य आरोपी प्रत्यक्ष रूप से कोर्ट में पेश हुए। बता दें कि अगली सुनवाई में सीबीआई के जांच अधिकारी की गवाही होगी।
गौरतलब है कि बचाव पक्ष ने सीबीआई के जांच अधिकारी एमके नारायण की सीबीआई कोर्ट में गवाही करवाने के बारे में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई थी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्डर भी दे दिए थे, लेकिन पिछली सुनवाई तक ऑर्डर की कॉपी सीबीआई कोर्ट में नहीं पहुंच पाई थी।
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वहीं, अब सीबीआई कोर्ट को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एमके नारायण की गवाही करवाने को लेकर ऑर्डर की कॉपी मिल चुकी है, जिसके बाद सीबीआई कोर्ट ने अब रंजीत मर्डर मामले में 25 सितंबर और रामचंद्र मामले में 24 सितंबर की तारीख सुनवाई के लिए तय कर दी है। अब दोनों तारीखों पर एमके नारायनण के बयान दर्ज होंगे।
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गौरतलब है कि 10 जुलाई 2002 को सिरसा डेरे की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रंजीत का मर्डर हुआ था। डेरा प्रबंधन को शक था कि रंजीत ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई थी। पुलिस जांच से असंतुष्ट रंजीत के पिता ने जनवरी 2003 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। वहीं, 24 अक्तूबर 2002 को सिरसा दैनिक अखबार पूरा सच के संपादक रामचंद्र छत्रपति को पांच गोलियां मारी गई थीं, जिसके बाद 21 नवंबर 2002 को रामचंद्र छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। इन दोनों हत्या के मामले में राम रहीम आरोपी है।
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