10-15 हजार पेटी से 600 पेटी तक सिमटा सेब का व्यापार
- केरल में आई बाढ़ के कारण पंचकूला मंडी से सेब की डिमांड घटी
- इस बार बाढ़ के कारण पंचकूला सेब मंडी में पहुंचे केवल 30 व्यापारी
रीतिका पठानियां
पंचकूला। केरल में आई प्राकृतिक आपदा के आगे हिम्मत न हारते हुए केरल के सेब व्यापारी बाढ़ के पानी में बिखर चुके अपने परिवार और व्यापार को फिर से खड़ा करने लिए पंचकूला पहुंच गए हैं। लेकिन कभी पंचकूला से प्रतिदिन 10 से 15 हजार सेब की पेटी ले जाने वाले व्यापारी अब मात्र 600 पेटी का ही आर्डर दे पाए। अपने परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर छोड़कर घर से दो हजार 711 किमी. दूर पंचकूला आए व्यापारियों के अनुसार केरल में जब से प्राकृतिक आपदा आई है, तब से वह एक भी बार अपने परिवार से नहीं मिले। हालांकि कुछ लोडर्स (व्यापारी) पंचकूला और परवाणू की मंडी से वापस केरल लौट गए हैं।
बता दें कि हर साल तकरीबन 80 व्यापारी पंचकूला व परवाणू की मंडी में व्यापार करने आते हैं। जिनमें से इस बार बाढ़ के कारण केवल 30 व्यापारी ही पहुंच पाए। व्यापारियों के अनुसार उनकी परिवार से कुछ दिन पहले बात हुई थी तब उन्होंने वीडियो कॉलिंग के माध्यम से उन्हें वहां की स्थिति के बारे में बताया।
बाढ़ में सेब को सड़ता देख मुफ्त में बांटे
उनके घर में पानी भर गया था जिस कारण उनके परिवार को कैंप में रुकना पड़ा। जैसे ही केरल में उनके घर के एरिया में मोबाइल नेटवर्क आता है उनके परिवार वाले उन्हें फोन करके हालचाल बता देते हैं। फिलहाल केरल के अलग-अलग स्थानों पर ढाई से तीन लाख लोग कैंपों में रुके हैं। पिछले साल हम 10-15 हजार पेटी प्रतिदिन लोड करके भेजते थे लेकिन अब हम केवल 600 पेटी लोड कर रहे हैं। कुछ दिन पहले व्यापारी जो सेब लोड करके गए थे उन्हें लाखों का नुकसान झेलना पड़ा। क्योंकि बाढ़ के कारण उनका सेब पानी में सड़ने लग गया और उन्हें फ्री में सेब बांटने पडे़। - शमसुद्दीन, सेब व्यापारी
रेल व हवाई यात्रा बंद, परिवार के पास जाना हुआ मुश्किल
केरल के एक घर में तकरीबन 30 सांप पाए जा रहे हैं। जिस कारण ज्यादातर लोग सर्पदंश का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में परिवार के पास जाना मुश्किल है क्योंकि कुछ दिनों से केरल में रेल व हवाई यात्रा बंद है। पिछले एक हफ्ते से केरल के बैंक भी बंद कर दिए गए। - सुधीर, सेब व्यापारी
बाढ़ के कारण 12-15 लाख का सेब खराब
केरल में बाढ़ आने के कारण उन्हें 12-15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। क्योंकि उनके ट्रक ज्यादा दिन पानी में खड़े रहने के कारण सेब खराब हो गए। - बेलूमुर्गन, जेईबेल ट्रांसपोर्ट के मालिक
बाढ़ ने छीनी त्योहार मनाने की आजादी
बाढ़ के कारण वह इस साल न तो बकरीद मना सके और न ही ओणम का त्योहार, क्योंकि बाढ़ आने से उनके घर वालों के पास कुछ भी नहीं बचा। हालांकि भारतीय फौज व मच्छुआरों ने कई लोगों की जान बचाई है व भारतीय सरकार भी केरल के लोगों को हर तरह से मदद करने में जुटी है। - शादिक, सेब व्यापारी
आढ़तियों ने केरलवासियों के लिए भेजे सेब
मार्केेेट कमेटी के सेक्रेटरी विशाल गर्ग ने बताया कि पंचकूला एप्पल मार्केट के आढ़तियों ने चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से केरल के बाढ पीड़ितों के लिए सेब भेजे हैं। हालांकि हमने चैरिटेबल ट्रस्ट से फाइनेंशियल सपोर्ट देने के लिए भी कहा था जिसे देेने से चैरिटेबल ट्रस्ट ने मना कर दिया।
मार्केट कमेटी से करेंगे डिमांड
हम 10-15 हजार पेटी प्रतिदिन लोड करके भेजते थे लेकिन अब हम केवल 600 पेटी लोड कर रहे हैं। मार्केट कमेटी से डिमांड करेंगे कि वो केरला के बाढ़ पीड़ितों के लिए फंड इकट्ठा करें, क्योंकि केरला से सेब की लोडिंग करने के लिए पंचकूला आने वाले व्यापारी हमारे साथ पिछले कई वर्षों से जुडे़ हैं। - अश्विनी चौहान, एप्पल मार्केट डायरेक्टर।