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मास्टरमाइंड आदित्य इंसा एक साल बाद भी नहीं हुआ गिरफ्तार

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मास्टरमाइंड आदित्य इंसा एक साल बाद भी नहीं हुआ गिरफ्तार
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कई राज्यों में एसआईटी ने की छापेमारी, पांच लाख रुपये का इनामी देता रहा चकमा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हिंसा की साजिश को अंजाम तक पहुंचाने वाले मास्टरमाइंड, भगौड़ा और पांच लाख रुपये के इनामी आदित्य इंसा को पुलिस एक साल बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के अलग अलग शहरों में छापेमारी की, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका।
डेरा का बेहद नजदीकी और डेरा के प्रवक्ता होने के साथ साथ हिंसा की साजिश के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी न होने पर पहले मोस्ट वांटेड लिस्ट में उसका नाम शामिल किया गया। इसके बाद उसके नाम इनाम की राशि बढ़ाते हुए पांच लाख रुपये तक कर दी गई। लेकिन अब पूरे प्रदेश की पुलिस उसे गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने जब डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया, उसके बाद भड़की हिंसा में कुल 35-36 लोगों की मौतें हुई थी। लेकिन 17 अगस्त, 2017 को सिरसा स्थित डेरे में हुई बैठक में मौजूद हनीप्रीत समेत आदित्य इंसा सहित दर्जनों ऐसे डेरा के करीबी थे, जिन्होंने मिलकर इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाया।
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हिंसा की इस साजिश में उपद्रवियों को भड़काया गया और हिंसा और आगजनी के लिए उन्हें लाखों की रकम भी बांटी गई।
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कई राज्यों पर आदित्य की तलाश में एसआईटी कर चुकी है छापेमारी
एसआईटी की टीम लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन अब तक आदित्य इंसा को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पुलिस ने हिंसा मामले में आरोपी हनीप्रीत को भी गिरफ्तार करने से पहले लुक आउट नोटिस जारी किया था। लेकिन, काफी मशक्कत और पुलिस को छकाने के बाद आखिरकार पटियाला रोड से हनीप्रीत को गिरफ्तार कर लिया गया था। कई ऐसे आरोपी थे जिन्हें गिरफ़्तार करने के लिए पुलिस ने पंजाब के बठिंडा, पटियाला, राजस्थान के गुरसर मोडिय़ा सहित दूसरे ठिकानों पर भी छापेमारी की। लेकिन आदित्य इंसा का सुराग नहीं मिल सका। डेरा के बेहद नजदीकी लोगों की गिरफ्तारी न हो पाने की वजह से हिंसा की साजिश का पूरी तरह खुलासा नहीं हो सका है। कोर्ट में इन मामलों में सुनवाई चल रही है। गिरफ्तारियां होने के बाद सप्लिमेंट्री चार्जशीट भी फाइल करने का सिलसिला जारी है। इस मामले में पुलिस ने डेरा की चेयरपर्सन विपासना से हुई पूछताछ के बाद भी हिंसा की साजिश का सच बाहर नहीं आ सका।
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अभी भी 10 आरोपियों की नहीं हुई गिरफ्तारी
पीआर नैन, सुखपाल, अभिजीत सहित एफआईआर नंबर-345 में 10 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकि है। हिंसा मामले की साजिश और देशद्रोह मामले में हनीप्रीत सहित अन्य आरेपियों के आरोपियों के खिलाफ इसी एफआईआर में मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा तीन-चार अन्य एफआईआर में 100 से अधिक आरेपियों के खिलाफ लगी देशद्रोंह की धारा हटा दी गई है।
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