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केरल

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केरल में बाढ़ की मार से फीकी पड़ी सेब की लालिमा
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- बाढ़ ग्रस्त होने के कारण इस वर्ष सप्लाई ठप
- आज केरला से व्यापारियों की पंचकूला में आने की संभावना

रीतिका पठानियां
पंचकूला। केरल में आई विनाशकारी बाढ़ से सिर्फ वहां के स्थानीय लोग हीं परेशान नहीं हैं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। क्योंकि हिमाचल के ज्यादातर सेबों की सप्लाई साउथ और केरला में की जाती थी। व्यापारियों की माने तो केरल के लोग हिमाचल प्रदेश के सेबों की खरीददारी उच्च दामों पर करते हैं, लेकिन अचानक केरल में बाढ़ आने से हिमाचल का सेब खरीदने पंचकूला की सेब मंडी में आने वाले लोडर्स की आवाजाही बंद हो गई है। जिसके चलते हिमाचल के सेब बागवान निराश हैं। वहीं सेब की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट भी सेब बागवानों की परेशानी का कारण है। जबकि आढ़तियों के अनुसार सेब की कीमतों में आ रही गिरावट का कारण सेब की अच्छी क्वालिटी का नहीं होना है। क्योंकि हिमाचल सरकार द्वारा दिए गए एंटी इनक्रोचमेंट के आदेशों के कारण सेब उत्पादक कच्चे सेबों को ही सेब मंडी में भेज रहे हैं।

परिवार को अकेला छोड़कर आना मुश्किल
आढ़ती विक्की शारदा के अनुसार दो दिन पहले ही उनका संपर्क उनके पुराने ग्राहक और केरल के लोडर शमशुद्दीन से हुआ। जिसने बताया कि उनका घर पानी से भर चुका है और ऐसे हालातों में अपने परिवार को अकेला छोड़कर आना मुश्किल है। इसके अलावा लोडर ने बताया कि जो सेब वह पहले पंचकूला से खरीद कर गए थे, वह भी बाढ़ के कारण खराब हो रहा है। क्योंकि अचानक बाढ़ आने से वह सेबों को बेच नहीं पाए।
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केरल के व्यापारी आज आएंगे पंचकूला
पंचकूला मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी विशाल गर्ग ने बताया कि केरल के 4-5 व्यापारियों की बुधवार को पंचकूला मंडी में आने की संभावना है। केरल में बाढ़ आने से सेब के व्यापार पर असर तो हुआ ही हैं। लेकिन यह नुकसान केरला निवासियों को हुए नुकसान से अधिक नहीं। केरल पर आए इस संकट भरे समय में पूरे देश के साथ-साथ पंचकूला मार्केट कमेटी भी केरल के साथ है।

बाढ़ आने कारण इस साल साउथ में सेब की सप्लाई बिल्कुल बंद हो गई है। जिस कारण हिमाचल के सेब व्यापार पर बुरी तरह से असर हुआ है। पिछले साल केरल में हिमाचल का सेब 3000 से 3200 रुपये पेटी के हिसाब से बिका था जो बाढ़ के कारण संपर्क टूटने पर शून्य तक पहुंच गया। - रामलाल चौहान, प्रोग्रेसिव एप्पल फार्मर।
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हर साल केरला से 25 - 30 व्यापारियों का समूह पंचकूला व परमाणु की मंडी में आते थे जो कि बाढ़ के कारण सड़कों पर पानी भरा होने से नहीं आ पा रहे। फिलहाल तमिलनाडु से ही व्यापारी आ रहे हैं। इसके अलावा कोई भी व्यापारी आकर सेब लोड नहीं कर रहा। जिसका असर व्यापार पर पड़ रहा है। - अश्विनी चौहान, डायरेक्टर ऑफ मार्केट कमेटी पंचकूला।
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