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....रात हो या दोपहर, हर तरफ डॉग बाइट का कहर

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....रात हो या दोपहर, हर तरफ डॉग बाइट का कहर
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- राजीव कालोनी में ऑटो चालक के हाथ पर स्ट्रे डॉग ने काटा, चल रहा है इलाज
- पहले भी लोगों को बना चुका है शिकार

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। लेबर चौक से अपने घर के लिए जाते हुए 45 वर्षीय एक व्यक्ति पर स्ट्रे डॉग ने अचानक हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। हमले में स्ट्रे डॉग ने उनके हाथ का मांस नोंच डाला। दर्द से परेशान ऑटो चालक को तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां से उन्हें जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया गया। आखिरकार, सेक्टर-19 में टीकाकरण के बाद उन्हें घर भेजा गया, लेकिन जख्म गहरा होने की वजह से अभी कुछ दिनों तक इलाज जारी रहेगा। स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले भी स्ट्रे डॉग ने कुछ और लोगों को अपना निशाना बनाया, बावजूद इसके समस्या दूर नहीं हुई।
45 वर्षीय ऑटो चालक रोज की तरह अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान लेबर चौक से जैसे ही राजीव कालोनी स्थित एक गली में मुड़े तो पहले से ही वहां मौजूद एक स्ट्रे डॉग ने उनके हाथ पर काट लिया। जख्मी हालत में जीतराम खून से लथपथ अपने घर पहुंचे, जहां से उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया। देर रात वैक्सीनेशन के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। हालांकि शुक्रवार दोपहर भी इलाज के सिलसिले में चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित अस्पताल में ले जाया गया।
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भतीजा शिवकुमार ने बताया कि दो बार इसी स्ट्रे डॉग ने उन्हें भी निशाना बनाया था, लेकिन खुद को बचाने में कामयाब रहे। कुछ दिन पहले भी वहां से गुजरते हुए एक व्यक्ति पर हमला कर उसके कपड़े फाड़ डाले थे। पड़ोसी सूरज ने बताया कि अक्सर यह रात के वक्त ही लोगों पर वार करता है, लेकिन हमला करते वक्त यह भौंकता नहीं है बल्कि सीधे वार कर देता है। इसकी शिकायत पहले भी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक लोगों की सुरक्षा के लिहाज से कोई इंतजाम नहीं किया गया।

स्ट्रे डॉग की वजह से लोगों में भय
डॉक्टरों ने जीतलाल को आराम करने की सलाह दी है, लेकिन उन्हें चिंता इस बात की सता रही है कि अगर ऑटो नहीं चलाएंगे तो घर का खर्च कैसे चलेगा। उन्होंने अपने परिजनों से सवाल करते हुए कहा कि मुझे जल्द से जल्द काम पर जाना होगा, क्योंकि मजबूरी है। लेकिन, स्ट्रे डॉग की समस्या से राजीव कालोनी वासियों की समस्या बढ़ती जा रही है। इसे जल्द से जल्द दूर करने के लिए कोई इंतजाम किया जाना चाहिए, ताकि लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
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पिछले करीब ढाई माह के दौरान 976 डॉग्स का स्टरलाइजेशन किया गया है। आगे भी अभियान जारी है। लोगों को भी इनसे बचना चाहिए, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो। - राजेश जोगपाल, प्रशासक, नगर निगम
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