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जासपुर विवाद को लेकर सामने आए प्लांट मालिक

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बूचड़खाना नहीं, बल्कि चिकन इंटीग्रेटेंड प्रोसेसिंग प्लांट होगा: प्लांट मालिक
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- जासपुर विवाद को लेकर सामने आए प्लांट मालिक
- कहा, इंटीग्रेटेड प्लांट से सेना को होगी चिकन की आपूर्ति

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। पिछले कुछ दिनों से जासपुर में निर्माणाधीन प्लांट को लेकर ग्रामीणों और प्लांट मालिक के विवाद को देखते हुए प्लांट के मालिक अमन कुमार ने सोमवार को प्रेसवार्ता की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बूचड़खाना नहीं, बल्कि चिकन इंटीग्रेटेंड प्रोसेसिंग प्लांट होगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इस बारे में अफवाह फैला रखी है। उन्होंने बताया कि हम क्षेत्र के लोगों के साथ है और ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखते हुए हर कार्य करेंगे। इस प्लांट से सेना को चिकन की आपूर्ति की जाएगी जो पूरी जांच पड़ताल के बाद भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना के लिए भोजन की आपूर्ति के लिए प्लांट स्थापित किया गया है और भारतीय सेना की देखरेख में और निरीक्षण के बाद ही उत्पादों को सेना के जवानों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्लांट में किसी भी बड़े जीव का कारोबार नहीं होगा, बल्कि सिर्फ मुर्गी के चिकन को प्रोसेस किया जाएगा।
संवाददाताओं से बातचीत में अमन कुमार ने बताया कि कुछ लोग क्षेत्रवासियों में भ्रम फैला रहे हैं कि यहां बड़े जानवरों को भी काटा जाएगा, जिससे गंदगी फैलेगी। उन्होंने इससे इंकार करते हुए कहा कि इसके लगने से मक्खियां या किसी भी तरह की गंदगी नहीं होगी। इस प्लांट में पानी को साफ करने के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा।
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प्लांट के बाई-प्रॉडक्ट्स से फीड भी तैयार किया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले दिनों के दौरान रायपुररानी के जासपुर में इस प्लांट के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया। इसके बाद प्रशासन की ओर से कमेटी बनाई गई। कमेटी प्लांट का दौरा करेगी, इसके बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय की उम्मीद है।
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