1369 उम्मीदवारों की नियुक्ति की मांग को लेकर पं. हरीराम दीक्षित आमरण अनशन पर
- चेयरपर्सन ने दिया आश्वासन, लेकिन मांग पर डटे रहे 82 वर्षीय संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष
- पंचकूला के सेक्टर-दो स्थित एचएसएससी दफ्तर के बाहर बैठे आमरण अनशन
- दीक्षित बोले, एचएसएससी की ओर से 15 जुलाई तक का दिया गया था समय
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। एचएसएससी की ओर से क्लर्क, एमपीएचडब्ल्यू, ड्राइवर, स्टाफ नर्स, पंप ऑपरेटर सहित अन्य पदों के लिए आयोजित परीक्षाओं में उत्तीर्ण 1369 युवाओं की नियुक्ति की मांग को लेकर अखिल भारतीय ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित हरीराम दीक्षित सोमवार को सेक्टर-दो स्थित एचएसएससी दफ्तर के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए। इस दौरान संघर्ष समिति के बैनर तले आमरण अनशन पर बैठे समिति के अध्यक्ष को अनशन न करने की अपील की गई। एचएसएससी की चेयरपर्सन दीप्ति उमाशंकर ने उनसे बातचीत कर जल्द उनकी मांगे मानने का भरोसा दिया, लेकिन 82 वर्षीय पं. हरीराम दीक्षित ने साफ कह दिया कि जब तक उम्मीदवारों की ज्वाइनिंग नहीं होती है वे अनशन पर रहेंगें। समिति के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सदस्यों को देखकर मौके पर पुलिस कर्मी भी पहुंच गए और बाद में उन्हें हैफेड ग्राउंड के पास भेजा गया।
मीडिया प्रवक्ता नीरज वत्स ने बताया कि 2013 में आर्थिक आधार पर ब्राह्मण, वैश्य, राजपूत और पंजाबी (खत्री) समुदाय को हरियाणा में 10 फीसदी आरक्षण दिया था। इसका लाभ भी पहले की परीक्षाओं में सैकड़ों उम्मीदवारों को मिला। सात दिसंबर, 2017 को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में स्टे के आदेश दिए। लेकिन बाद में एचएसएससी की परीक्षाओं में उत्तीर्ण 1369 छात्र-छात्राओं ने इस संबंध में याचिका दायर की। 18 मई को स्थगन आदेश हटाते हुए इन उम्मीदवारों की नियुक्तियां जल्द से जल्द करने के आदेश दिए। लेकिन अब तक इसे लागू नहीं करने के विरोध में पहले भी समिति की ओर से विरोध दर्ज कराया गया था, जिस पर एचएसएससी की ओर से 15 जुलाई तक का वक्त दिया गया था।
पिछले दिनों अनियमितता के मामले को लेकर एचएसएससी के चेयरमैन भारत भूषण भारती को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से एचएसएससी का काम प्रभावित हो रहा है। अब तक न तो नई नियुक्तियां निकली हैं और न ही कोई परिणाम घोषित किया गया है। इसका खामियाजा प्रदेश के सैकड़ों उम्मीदवारों को भुगतना पड़ रहा है।