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गार्ड की बोगी में बक्से की जगह ट्रॉली बैग देने से गार्डों में रोष

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गार्ड की बोगी में बक्से की जगह ट्रॉली बैग देने से गार्डों में रोष
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- बोले, एक साथ कई ट्रॉली बैग लंबे रूट पर ले जाने में होगी परेशानी
- गार्डों ने आदेशों पर दोबारा से विचार करने की अपील की

अमर उजाला ब्यूरो
कालका। रेलवे विभाग की ओर से ट्रेनों में गार्ड के डिब्बे में लगा बक्सा हटाने व बक्से की जगह ट्रॉली बैग देने से गार्डों में रोष व्याप्त है। गार्डों का मानना है इस फैसले से उन्हें काफी दिक्कत परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कालका में कार्यरत गार्ड व यूआरएमयू के प्रधान एनवी सिंह, राज सिंह दहिया, अनिल छिब्बर, अनिल शर्मा आदि ने बताया कि बोगी में लगे बक्से में उनका सामान सुरक्षित रहता, लेकिन ट्रॉली बैग में उनका सामान सुरक्षित नहीं रह पाएगा। बताया कि कई बार रूट के दौरान सुनसान एरिया भी होता है चैन पुलिंग, किसी व्यक्ति या जानवर के ट्रेन के नीचे आने के चलते उन्हें ट्रेन से उतर कर ट्रैक पर जाना पड़ता है। जिससे उनका बैग चोरी होने का खतरा बना रहेगा। उन्होंने बताया कि कई गार्डों के लंबे रूट होने से उन्हें एक से अधिक ट्रॉली बैग दिए जाएंगे, जिन्हें इधर से उधर ले जाने में दिक्कत होगी। वहीं, गार्ड एससी दत्ता, सुरेश कुमार आदि ने बताया कि ट्रेन की सुरक्षा के लिए उनको विभाग की ओर से कुछ पटाखे भी दिए जाते है। जिन्हें इन्हीं बक्सों में रखा जाता था। अब ट्रॉली बैग में पटाखे रखने पड़ेंगे और बैग साथ में ले जाते समय इन पटाखों के साथ मेट्रो सहित अन्य संवेदनशील जगहों पर ले जाने में भी परेशानी होगी। गार्डों ने बताया कि कई बोगियों में टेबल या कुर्सी न होने या टूटा होने की सूरत में इन बक्सों का इस्तेमाल वह टेबल व बैठने के लिए भी कर लेते थे, लेकिन अगर बक्से को हटा दिया जाएगा तो उन्हें कागजी काम करने में भी परेशानी होगी। गार्डों ने रेल विभाग से अपने आदेशों पर दोबारा से विचार कर बक्से को ही बोगी में लगाने की अपील की है।
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