ढाई साल बाद 51 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की
- जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में सेक्टर-14 स्थित वित्त मंत्री के घर को निशाना बनाते हुए की गई थी आगजनी
- हिंसा और आगजनी में करीब 14 करोड़ रुपये का हुआ था नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के रोहतक स्थित घर पर हुई आगजनी, हिंसा और डकैती मामले में विशेष सीबीआई अदालत में सीबीआई ने 51 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी है। आरोपियों ने इस मामले में साजिश, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामले में चार्जशीट दायर की गई।
वित्त मंत्री के घर पर हुई आगजनी और हिंसा मामले में पुलिस ने रोहतक के अर्बन एस्टेट पुलिस स्टेशन में 27 फरवरी, 2016 को पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इस हिंसा और आगजनी में करीब 14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में 19-20 फरवरी को सेक्टर-14 स्थित वित्त मंत्री के घर पर निशाना साधते हुए आगजनी की थी। आरोपियों ने वित्त मंत्री के घर पर मौजूद परिजनों को मारने का भी प्रयास किया था। इस घटना की साजिश रचने वालों सहित आगजनी और हिंसा में शामिल आरोपियों पर दर्ज मामले में पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई चल रही है। फाइल की गई चार्जशीट में मामले से जुड़े उन आरोपियों की भी तलाश की जा रही है, जिनकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस मामले में सीबीआई की जांच जारी है। माना जा रहा है कि इस घटना को अंजाम देने की साजिश में शामिल अन्य आरोपियों का भी खुलासा होगा। इन आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दायर की जा सकती है। सीबीआई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में साफ किया गया है कि इस घटना से जुड़े सुबूतों और तत्कालीन तथ्यों के आधार पर मामले की जांच में आरोपियों के नाम सामने आए हैं।
33 आरोपी हुए पेश, 16 को अगली सुनवाई
सोमवार को इस मामले के 39 आरोपी पेश हुए। जमानत पर चल रहे 33 आरोपी अदालत में व्यक्तिगत तौर पर पेश हुए, जबकि शेष ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अपनी हाजिरी दी। बचाव पक्ष के वकील सतीश कादियान ने बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच हरियाणा सरकार ने सीबीआई को सौंप दी थी। पहले इस मामले में 39 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। बाद में कुछ और आरोपियों के नाम भी सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर नाम जोड़े गए। इस मामले में कुछ आरोपियों को जमानत भी मिल चुकी है।