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घग्गर पार के सेक्टरों सहित पूरे हरियाणा से एन्हांसमेंट के विरोध में पंचकूला पहुंचे थे लोग

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एन्हांसमेंट को लेकर हजारों लोगों ने एसएसवीपी कार्यालय का घेराव किया
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- घग्गर पार के सेक्टरों सहित पूरे हरियाणा से एन्हांसमेंट के विरोध में पंचकूला पहुंचे थे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से बढ़ाए गए एन्हांसमेंट को लेकर पूरे हरियाणा के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदेश के हर जिले के लोगों में रोष है। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाला जा रहा है। सोमवार को पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पंचकूला पहुंचे लोगों ने एचएसवीपी के मुख्य कार्यालय सेक्टर-छह का घेराव किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस रोष प्रदर्शन में पंचकूला घग्गर पार के ज्वाइंट एक्शन कमेटी एवं संघर्ष समिति के बैनर तले सेक्टर-24, 25, 26, 27, 28 के रेजीडेंट्स और पंचकूल रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-20 पार्ट टू सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लोग शामिल थे।
सुबह 11 बजे से ही लोगों का सेक्टर-छह में बढ़ाए गए एन्हांसमेंट के विरोध में जमघट लगना शुरू हो गया था। दिन में करीब 12 से 2.30 तक लोग अपनी मांग को लेकर एसएसवीपी के मुख्य गेट पर लोग प्रदर्शन करते रहे, लेकिन नतीजा सिफर रहा। करीब दो पंचकूला और प्रदेश के 13 प्रतिनिधि सीए एचएसवीपी से मिलने पहुंचे, लेकिन सीए ने प्रतिनिधियों से कहा कि 15 जुलाई तक ओटीएस स्कीम कंटीन्यू है। अभी हम कुछ नहीं दे सकते। इसके बाद रेजीडेंट्स वापस घर लौट गए।
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लोग बोले, विभाग को तीन साल का इंट्रेस्ट लगाना चाहिए
लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक 290 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से एचएसवीपी एन्हांसमेंट कैलकुलेट करे और पहले ली गई एन्हांसमेंट की राशि को घटाया जाय। जब तक एन्हांसमेंट की राशि को विभाग री-कैलकुलेट नहीं करता, तब तक लोग पैसे जमा नहीं करवाएंगे। लोगों का कहना है कि तीस फीसदी साल्यूशन चार्ज के साथ विभाग को तीन साल का इंट्रेस्ट लगाना चाहिए। लेकिन विभाग तीस साल का इंस्ट्रेस्ट लगा रहा है, जो गलत है।

इस्तेमाल होने वाली जमीन पर लगे एन्हासमेंट
घग्गर पार के रेजीडेंट्स का कहना है कि एसएसवीपी की पॉलिसी के मुताबिक एन्हांसमेंट उसी जमीन का लगना चाहिए। जिसका लोग इस्तेमाल कर रहे हैं, तो फिर 88 एकड़ (74 एकड़ घग्गर, 12 हाइटेंशन लाइन, तीन एकड़ हाइवे की) जमीन पर भी घग्गर पार के रेजीडेंट्स से एन्हांसमेंट विभाग की ओर से क्यों वसूल किया जा रहा है।

समय पर पैसे जमा करने वालों को भी मिले छूट
रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव चमन लाल कौशिक ने बताया कि सरकार के निर्देश के मुताबिक एन्हांसमेंट राशि पर 40 फीसदी छूट सबको मिलना चाहिए, लेकिन एसएचवीपी ने सिर्फ उन्हीं लोगों को छूट दिया, जिन्होंने एन्हांसमेंट का पैसा जमा नहीं करवाया। जिन लोगों ने समय पर एन्हांसमेंट का पैसा जमा करवाया है, उस राशि पर लोगों को कोई छूट नहीं मिली है। ये कैसा नियम है, नियम सबके लिए बराबर होना चाहिए।

अब विभाग ब्याज भी मांग रहा है जो गलत है
एन्हांसमेंट में एचएसवीपी ने पहले 730 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब लेस कनवे किया। रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सेवानिवृत कर्नल मूलचंद यादव का कहना है कि विभाग ने लेस कनवे क्यों किया। प्लॉट धारकों ने तो लेस कनवे करने के लिए नहीं कहा था, सरकारी महकमा है गलती हो भी गई तो अब प्लॉट धारक 730 रुपये भी देने को तैयार हैं, लेकिन विभाग 730 रुपये पर छह साल का 15 फीसदी के हिसाब से ब्याज भी मांग रहा है। विभाग कुल मिलाकर 2500 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। इसके प्रति सरकार को सोचना चाहिए। लोग इतने पैसे कहां से देंगे।
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ये है एन्हांसमेंट का पैतरा
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने घग्गर पार सेक्टरों को बसाने के लिए किसानों की जमीन एक्वायर की है। इसकी एवज में जमीन मालिकों को विभाग की ओर से कम मुआवजा दिया गया और प्लाट बेचकर खरीददारों से विभाग ने लाभ कमाया। ऐसी स्थिति में जिन किसानों को जमीन का पैसा कम मिला, वे इंसाफ के लिए न्यायालय चले गए। इस पर न्यायालय ने एचएसवीपी को उनकी जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा देने के आदेश दिए। विभाग ने किसानों का पैसा खुद देने के बजाय प्लाट मालिकों से पैसा वसूलकर किसानों को लौटाने का प्लान बनाया।
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