जैनेंद्रा पब्लिक स्कूल में प्रिंसिपल की भर्ती को लेकर शिक्षकों ने किया विरोध
- पूरे दिन स्कूल में नहीं चली कक्षाएं, कमरे में नजरबंद रहे स्कूल के 800 विद्यार्थी
- प्रेसिडेंट मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य बोले, शिक्षकों को विरोध करने का कोई अधिकार नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सेक्टर - एक स्थित जैनेंद्रा पब्लिक स्कूल में वीरवार को स्कूल के शिक्षकों ने हाल ही में हुए स्कूल प्रिंसिपल की भर्ती के विरोध में नारेबाजी की। स्कूल शिक्षकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन स्कूल की ओर से स्कूल फीस तो बढ़ा दिया जाता है, लेकिन शिक्षकों के प्रमोशन और वेतन बढ़ाने के मामले में प्रबंधन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की आपसी लड़ाई के बीच स्कूल में क्लासेज नहीं लगीं और स्कूल के करीब 800 से ज्यादा बच्चे पूरे दिन क्लासरूम में नजरबंद रहे। सुबह से पढ़ाई के लिए स्कूल में पहुंचे बच्चों की छुट्टी दिन में करीब 2:30 बजे की गई। वहीं इस मामले में बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि अगर समय रहते मामले को नहीं सुलझाया गया तो वह अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे।
बिना लिखित टेस्ट के भर्ती का लगाया था आरोप
9 मई को स्कूल की पूर्व प्रिंसिपल सुधा बब्बर सेवानिवृत हुई हैं और उनके रिटायरमेंट के बाद स्कूल मैनेजमेंट की ओर से नई प्रिंसिपल अमनदीप कौर को प्रिंसिपल पद के लिए नियुक्त किया गया। अमनदीप कौर पहले मंडी गोबिंदगढ़ के स्कूल में प्रिंसिपल थीं। स्कूल शिक्षकों का आरोप है कि बिना किसी लिखित टेस्ट के प्रिंसिपल की भर्ती की गई है। जबकि स्कूल में पिछले 29-30 साल से सीनियर शिक्षक कार्यरत हैं उन्हें मौका क्यों नहीं दिया गया। इसी मसले को लेकर शिक्षक हड़ताल पर हैं।
शिक्षकों के लिए नियम तो प्रिंसिपल के लिए क्यों नहीं
शिक्षकों का कहना है कि नए सत्र में तीन शिक्षकों की भर्ती हुई थी। भर्ती के लिए नियमानुसार अखबार में विज्ञापन दिया गया था। उसके बाद लिखित परीक्षा और साक्षात्कार लिया गया। उसके बाद तीनों शिक्षकों की भर्ती हुई थी, लेकिन प्रिंसिपल को बिना किसी लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बगैर रख लिया गया है। जबकि स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि स्कूल ट्रस्ट का है और उसे सीबीएसई नियम के अनुसार चलना चाहिए।
वरिष्ठ शिक्षकों को मिलना चाहिए मौका
शिक्षकों का कहना है कि स्कूल के दो शिक्षक सरोज शर्मा व नीना महेंद्रू पिछले करीब 29 साल से स्कूल में कार्यरत हैं। वाइस प्रिंसिपल सरोज शर्मा स्कूल की साइंस टीचर हैं और वह साइंस में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उनकी स्कूल में करीब 29 साल की सर्विस है। वहीं, नीना 1988 से स्कूल में कार्यरत हैं। दोनों ने बताया कि कम से कम प्रिंसिपल पोस्ट के लिए मैनेजमेंट की ओर से ओपन लिखित परीक्षा आयोजित करवानी चाहिए, ताकि सभी को मौका मिले और बेहतर परफॉर्मेंस वाले को प्रिंसिपल के पद पर रखा जा सके।
कोट्स
स्कूल में प्रिंसिपल की नियुक्ति नियम के मुताबिक की गई है। स्कूल के शिक्षक इस विषय में अपनी राय दे सकते हैं, लेकिन उन्हें विरोध करने का कोई अधिकार नहीं है। यह जरूरी नहीं है हर शिक्षक को भर्ती की प्रक्रिया पता हो। हमारा प्रॉसेस पूरा है और भर्ती की प्रक्रिया भी सही है। - गौरव जैन, प्रेसिडेंट मैनेजमेंट कमेटी, जैनेंद्र पब्लिक स्कूल।