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आईपीएस बनने का ख्वाब पूरा करेगी तमन्ना

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आईपीएस बनने का ख्वाब पूरा करेगी तमन्ना
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- सार्थक मॉडल स्कूल की 10वीं की छात्रा को उपराष्ट्रपति ने दिल्ली में किया सम्मानित
- अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति-2017 में हरियाणा में पहले स्थान पर रही तमन्ना, पढ़ाई के साथ एथलेटिक्स में भी रुचि
- मूलरूप से हिसार के गांव सिसाय की रहने वाली है तमन्ना मलिक
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पढ़ाई में अव्वल 10वीं की छात्रा तमन्ना की ख्वाहिश आईपीएस बनने की है। समाज और देश के लिए कुछ अलग करने का जज्बा लेकर आगे बढ़ी तमन्ना अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए संघर्षरत हैं। पेशे से किसान पिता की बेटी का यह बचपन से सपना है। सफलता की इस उड़ान को अमर उजाला ने नए पंख दिए हैं, जिससे वह आसमान की ऊंचाईयां छूना चाहती हैं।
दिल्ली में वीरवार को आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति सम्मान समारोह के दौरान सार्थक मॉडल स्कूल की छात्रा तमन्ना को भी देश के उपराष्ट्रपति वेकैया नायडू के हाथ से यह सम्मान मिला। मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित परीक्षा में तमन्ना ने हरियाणा में पहला स्थान हासिल किया जबकि देश भर के छात्र-छात्राओं में 13वां स्थान मिला।
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मूलरूप हिसार के गांव सिसाय की रहने वाली और सेक्टर-14 निवासी तमन्ना ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि इस सम्मान से उनके सपनों को नई उड़ान भरने का मौका मिला है। पढ़ाई के साथ-साथ वह एथलेटिक्स में भी आगे बढ़कर आईपीएस बनने का सपना पूरा करेंगी। इसमें स्कूल की प्रिंसिपल कमलेश चौहान और स्कूल टीचर्स, बुआ और फूफा का पूरा सहयोग है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के बाद तमन्ना को कई ऐसी बातें जानने और देखने का मौका मिला, जो हमेशा के लिए यादगार बन गया। बुआ कमलेश मलिक और फूफा रणबीर मलिक के पास रहकर पंचकूला के सार्थक मॉडल स्कूल में पढ़ाई करने वाली तमन्ना ने बताया अमर उजाला की ओर से सम्मानित होने पर खुद को बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।
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बेटियां नहीं हैं किसी से कम:
आईपीएस बनने की वजह पूछने पर तमन्ना सिहाग ने बताया कि मैं समाज और देश के लिए कुछ अलग करना चाहती हूं। लड़कियां अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और मैं अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए जितनी भी मेहनत जरूरी है, करूंगी। एथलेटिक्स मुझे पसंद है और एक आईपीएस बनने के लिए स्पोर्ट्स में भी आगे बने रहने के लिए हरसंभव कोशिश जारी रखेंगी। अमर उजाला की ओर से सम्मान के तौर पर मिलने वाली 30 हजार रुपये से पढ़ाई में आगे बढ़ेंगी, ताकि उन्हें अपने जीवन का लक्ष्य हासिल करने में कोई रुकावट न हो।
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