बजरंगी भाईजान के इंस्पेक्टर कुरैशी पहुंचे कालका
सौरव यादव
कालका। अमर उजाला से हमारा पुराना रिश्ता है दिल्ली हमारे घर पर भी अमर उजाला अखबार ही आता है, मेरे साथ-साथ मेरे पिता जी भी अमर उजाला के पुराने पाठक है। जब भी मुझे शूटिंग की व्यस्तता से समय मिलता है तो मोबाइल में अमर उजाला ई-पेपर देख से अपने शहर की जानकारी लेते रहते हैं। उक्त शब्द सोमवार को कालका में पहुंचे बॉलीवुड अभिनेता मनोज बक्शी ने कहे। वह किसी जरूरी काम के सिलसिले में अपने मित्र संजीव शर्मा के साथ शिमला जा रहे थे। वहीं शिमला जाने से पहले वह शताब्दी से कालका पहुंचे, जहां कालका स्थित अपने रिश्तेदार सुनील कुमार (शिल्लू) के निवास स्थान पर कुछ देर के लिए रूके थे। उन्होंने बताया कि कालका से मेरा बड़ा लगाव है और वह पहले भी कालका आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि कालका के लोग बड़े मिलनसार हैं।
इंस्पेक्टर कुरैशी का निभाया था रोल
बता दें कि मनोज बक्शी फिल्म बजरंगी भाईजान में पाकिस्तानी पुलिस वाले (इंस्पेक्टर कुरैशी) के रोल में दिखे थे। जिसमें वह सलमान खान से पाकिस्तान पहुंचने पर उनसे जरूरी दस्तावेज मांगते है लेकिन सलमान के पास दस्तावेज न होने की सूरत में वह उनके थप्पड़ जड़ते व उन्हें गिरफ्तार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि जिस शाट में मनोज सलमान को थप्पड़ जड़ते दिख रहे हैं वह शूट फिल्म में पाकिस्तान का दर्शाया गया है लेकिन मनोज ने बताया कि वह शूट हरियाणा ओर राजस्थान के बार्डर पर स्थित मंडावा में शूट किया गया था। वहीं फिल्म के अंतिम चरण के शॉट कश्मीर के है।
कई फिल्मों में कर चुके हैं अभिनय
अमर उजाला से बातचीत में मनोज ने बताया कि वह करीब 70 फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। लेकिन दो दूनी चार जिसमें ऋषि कपूर ओर नीतू सिंह भी थे सहित प्यार का पंचनामा, हेट स्टोरी, नो वन किल जेसिका, गोरी तेरे प्यार में, बेशर्म जैसी फिल्मों में महत्वपूर्ण किरदार निभा चूके है। लेकिन बजरंगी भाईजान फिल्म ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। उन्होंने बताया कि उन्होंने 18 साल यूपी में नाटकों में काम किया है जिसकी बदौलत उन्हें मुंबई में स्ट्रगल नहीं करना पड़ा। उन्होंने बताया कि वह गोविंदा, ऋषि कपूर नीतू सिंह, रणबीर कपूर सहित सभी खान व अधिकांश कपूर के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनकी आने वाली फिल्म दुर्गा, दस नहीं चालीस एवं डीएनए में महात्मा गांधी का रोल निभाया है। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जो युवा इस लाइन में आना चाहते हैं वह पहले थिएटर करे और अपनी प्रतिभा को निखारें, फिल्म इंडस्ट्री वालों के पास बड़ा तजुर्बा होता है जिस एरिया में वह शूट करने जाते है उस एरिया में प्रतिभावान युवाओं को वह पहचान लेते हैं।