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अधिकतर एटीएम पर नहीं है सुरक्षा गार्ड, ग्राहकों के लिए भी जोखिम

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अधिकतर एटीएम पर नहीं है सुरक्षा गार्ड, ग्राहकों के लिए भी जोखिम
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रात 10 बजे के बाद बंद हो जाते हैं अधिकतर एटीएम तो कुछ एटीएम लगे हैं वीरान जगहों पर

- भैंसा टिब्बा में निजी बैंक के एटीएम को तोड़ने की हो चुकी है कोशिश
- एटीएम पर अक्सर दोपहर में होती है कैश की कमी, रात को जोखिम

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
बैंक एटीएम में सुरक्षा मानकों की अभी भी अनदेखी जारी है। जिले भर में दर्जनों बैंकों के एटीएम पर गार्ड की तैनाती नहीं होने की वजह से रात के वक्त रुपये निकालना भी ग्राहकों के लिए खतरे से खाली नहीं है। वहीं कुछ एटीएम ऐसी वीरान जगहों पर लगे हैं जहां से खासकर रात के वक्त रुपये निकालने से खुद ग्राहक भी कतराते हैं। रात के वक्त एटीएम में किसी तरह की अनहोनी से बचने के लिए अधिकतर बैंकों के एटीएम बंद कर दिए जाते हैं। इस वजह से ग्राहकों को जहां रुपये निकालने को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता है तो दूसरी तरफ खुले रहने वाले एटीएम को तोड़ने का खतरा अभी भी बरकरार है। हाल ही में भैंसा टिब्बा स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम को उखाड़ने की कोशिश करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले भी बरवाला, सूरजपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में एटीएम में सेंध लगाने की कोशिशें हो चुकी हैं, बावजूद इसके बैंकों ने अब तक सुरक्षा के लिहाज से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।
मनसा देवी कांप्लेक्स स्थित एसबीआई की शाखा, सेक्टर-छह के हंसराज स्कूल सहित अलग-अलग सेक्टरों में दर्जनों शाखाएं ऐसी हैं जहां एटीएम की सुरक्षा के लिए गार्ड की तैनाती नहीं रहती हैं। बैंक अधिकारियों की मानें तो एटीएम के जोखिम के मुताबिक रात के वक्त ऐसे एटीएम को बंद कर दिया जाता है, जहां सुरक्षा गार्ड नहीं हैं।
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अक्सर खाली हो जाते हैं एटीएम
अगर एक साथ दो अवकाश हो तो शहर के अधिकतर बैंकों के एटीएम खाली हो जाते हैं। इससे ग्राहकों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ती है, लेकिन इसका फायदा ग्राहकों को नहीं मिल पाता है। अगर, कैश निकालना है तो कई सेक्टरों के चक्कर काटने के बाद उन्हें इसका मौका मिलता है। हाल ही में जब स्कूली बच्चों की फीस और यूनिफॉर्म को लेकर एटीएम के बाहर लंबी लाइनें लगी थीं तो दूसरी तरफ कई सेक्टरों के एटीएम में कैश खत्म हो गए।

दूसरे बैंक के एटीएम से ट्रांजेक्शन पर भी लगते हैं रुपये
अक्सर ग्राहक उन एटीएम पर ही जाते हैं जिस बैंक में उनके एकाउंट हैं। लेकिन, कैश अगर न हो तो उन्हें दूसरे बैंकों के एटीएम तक की दूरी तय करनी पड़ती है। इतना ही नहीं अगर महीने में दूसरे बैंकों से होने वाला ट्रांजेक्शन अधिक है तो इसके लिए भी ग्राहकों को अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ती है।

जोखिम के मुताबिक खुलते और बंद होते हैं एटीएम
एटीएम पीएनबी के सर्कल हेड एसके बजाज ने बताया कि बैंकों के एटीएम की रिस्क असेसमेंट के मुताबिक वहां सुरक्षा गार्ड की तैनाती या रात में बंद करने संबंधी फैसला लिया जाता है। ग्राहकों को भी परेशानी न हो इसका ध्यान रखते हुए दोनों पहलुओं पर गौर करने के बाद ही निर्णय लिए जाते हैं। सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे सहित अन्य तमाम जरूरी इंतजाम किए जाते हैं ताकि किसी भी अनहोनी की आशंका न रहे। अगर, कोई एटीएम दूरदराज हो तो जहां जोखिम अधिक है तो रात 10 बजे से पहले भी उसे बंद किया जा सकता है।

पहले से बढ़ी है सुरक्षा
रिटायर्ड बैंक अधिकारी कुलदीप गुप्ता ने बताया कि एटीएम की सुरक्षा के लिए सभी ऐहतियात बरते जा रहे हैं। बैंकों की कोशिश यह भी है कि ग्राहकों को कैश की निकासी में दिक्कत न आए। रही बात सुरक्षा की तो बैंकों ने इसके लिए सतर्कता और बढ़ा दी है। एसबीआई के एक अधिकारी का भी कहना है कि एटीएम में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जबकि सुरक्षा गार्ड भी तैनात होते हैं। अगर, कुछ एटीएम रात के वक्त सुरक्षा के लिहाज से बंद किए जाते हैं और सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से इस संबंध में जारी निर्देशों का पालन किया जाता है। अगर, किसी एटीएम के साथ छेड़छाड़ की कोशिश होती है तो इसके लिए भी अलर्ट सिस्टम है।
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कैश की कमी से ग्राहकों की बनी हुई है परेशानी
ग्राहक रामचंद्र मौर्या ने बताया कि रात के वक्त मनसा देवी कॉम्पलेक्स में सुरक्षा के लिहाज से गार्ड तैनात नहीं होते हैं। अगर, कैश की जरूरत पड़ जाए तो एटीएम से निकालना भी इसलिए मुश्किल होता है क्योंकि अधिकतर एटीएम बंद कर दिए जाते हैं। सेक्टर-6 में दफ्तरों के आसपास एचडीएफसी, पीएनबी और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स सहित अन्य बैंकों के एटीएम भी हैं। लेकिन, अस्पताल से नजदीक होने के बावजूद रात के वक्त या तो बंद रहते हैं या यहां से कैश निकालना भी जोखिम भरा होता है। ग्राहक सुनील ने बताया कि दिन के वक्त भी एटीएम कई बार बंद पड़े होते हैं, इस पर ध्यान नहीं दिया जाता है। बैंकों को चाहिए कि रात के वक्त अगर सुरक्षा के लिहाज से एटीएम बंद किए जाते हैं तो दिन में कैश की कमी न रहे।
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