विधानसभा की बजाय छह एक्सटेंशन लेक्चरर्स पहुंचे डॉक्टरों के पास
- वाटर कैनन की चपेट में आकर जख्मी हुए थे लेक्चरर्स
- पुलिस या प्रशासन की ओर से नहीं था एंबुलेंस का इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पुलिस ने जब वाटर कैनन के साथ-साथ हल्के बल का प्रयोग किया तो कई एक्सटेंशन लेक्चरर्स वहीं सड़क पर बैठ गए। विधानसभा के लिए कूच करने वाले छह लेक्चरर्स के चोटिल होने की वजह से डॉक्टरों के पास जाना पड़ा। सवाल उठता है कि आखिरकार जब एक्सटेंशन लेक्चरर्स के विरोध प्रदर्शन के बारे में पहले से जानकारी थी कि तो आसपास एंबुलेंस का इंतजाम क्यों नहीं किया गया। एंबुलेंस न होने की वजह से एक महिला लेक्चरर्स को पुलिस की गाड़ी में ले जाया गया, जबकि कालका कॉलेज के हरदीप को ऑटो में अस्पताल पहुंचाया गया।
विधानसभा सत्र के दौरान पिछले कुछ दिनों से अक्सर हाउसिंग बोर्ड चौराहे के पास बैरिकेटिंग कर दी जाती है, नतीजतन वाहनों के आने-जाने के लिए दूसरे रास्तों का प्रयोग करना पड़ता है। लेकिन, अगर हालात बिगड़ जाए और लाठीचार्ज जैसी स्थिति पैदा होती है तो घायलों को अस्पताल पहुंचाने का भी इंतजाम नहीं किया गया। इस दौरान दो एंबुलेंस को इस रास्ते से डायवर्ट किया गया, क्योंकि आगे जाने का रास्ता नहीं था।
वाटर कैनन और हल्के बल प्रयोग से जख्मी होने वालों में भिवानी गवर्नमेंट कॉलेज के डॉ. सुमित, गवर्नमेंट कॉलेज करनाल की डॉ. रेखा तंवर, कालका गवर्नमेंट कॉलेज के हरदीप, नरवाना कॉलेज की अमिता, सरोज और एसोसिएशन के प्रधान डॉ. ईश्वर भी चोटिल हुए। इनमें से दो को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।