मीट स्टोर के निर्माण के विरोध में एकत्रित हुए ग्रामीण
- ग्रामीणों के विरोध को किसान संघर्ष समिति ने दिया समर्थन
- बैठक के दौरान 21 सदस्यीय कमेटी का किया गठन
अमर उजाला ब्यूरो
रायपुररानी।
जासपुर गांव में मीट स्टोरेज प्लांट लगाने को लेकर मुश्किलें और बढ़ रही है, क्योंकि लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है और रविवार को भी सैकड़ों लोगों ने गांव ककराली में मीटिंग कर मीट प्लांट को बंद करवाने पर मंथन किया। वहीं, अंबाला की किसान संघर्ष समिति ने भी समर्थन देते हुए कहा कि यदि मीट प्लांट खुला तो सरकार की जिम्मेदारी होगी और इसके विरोध में प्रदेश भर से किसान यहां पर जन आंदोलन शुरू करेंगे। इस दौरान मीटिंग में कई पहलुओं पर मंथन किया गया। दूसरी तरफ मीट प्लांट मालिक ने बताया कि केन्द्र और राज्य सरकार से मीट प्लांट लगाने की परमिशन ली गई है और प्रशासन के जिस भी विभाग की परमिशन आवश्यकता थी, वह हमारे पास है इसमें नियमों की पालना की गई है और लोगों को इससे परेशानी नही होने दी जाएगी।
मौके पर पहुंची कालका विधायक लतिका शर्मा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री इस समस्या का हल करने कर हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सब कुछ नियमों के अनुसार होगा और कानून तोड़ने का लोग कतई काम न करें।
21 सदस्यीय कमेटी का किया गठन:
बहादुर राना ने बताया कि 21 लोगों की एक कमेटी बनाई गई। जिसमें तय किया गया कि इस समय मीट प्लांट का काम बंद है, लेकिन यदि किसी भी सूरत में मीट प्लांट का काम शुरू किया गया तो कमेटी का हर सदस्य अपने गांव से 20 व्यक्तियों के साथ मौके पर पहुंचेगा और फिर आगामी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सदस्यों को उनकी जिम्मेदारी भी बताई गई और इस संघर्ष के लिए एकजुट होने का लोगों से भी आग्रह किया गया।
समस्या को लेकर सरपंचों की एकजुटता बढ़ी:
ककराली गांव में हुई मीटिंग में रायपुररानी ब्लॉक के कई सरपंचों ने हिस्सा लिया और इस संघर्ष में सरपंचों की संख्या बढ़ती जा रही है और सरपंचों का दावा है कि इस संघर्ष के लिए सभी सरपंच एकजुट है। यदि मीट प्लांट मालिक ने सरकार से परमिशन ली हुई है तो फिर जनता के विरोध पर यह परमिशन कैंसल होनी चाहिए, क्योंकि जनता पोल्ट्री संबंधी समस्याओं से पहले ही जूझ रही है और इन्हें कम करने की बजाए समस्या को बढ़ावा मिल रहा है।
मीट प्लांट मालिक का क्या कहना:
यह एक हाईजैनिक मीट स्टोर का प्रोजेक्ट है और इस प्लांट से लोगों को कोई परेशानी नहीं आएगी, क्योंकि यहां से मीट आर्मी को सप्लाई होगा और इसके लिए राज्य और केन्द्र सरकार से मंजूरी ली हुई है और तय नियमों के मुताबिक ही निर्माण कार्य किया जा रहा है।
मुनीष, मालिक, मीट प्लांट,जासपुर।