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इंडस्ट्रियल एरिया से हटाई गईं मीट की करीब 200 दुकानें

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इंडस्ट्रियल एरिया से हटाई गईं मीट की करीब 200 दुकानें
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- निगम का कहना है नोटिस के बाद भी नहीं हटाई गई दुकानें
- दुकानदार बोले, बिजली के मीटर के दिए गए थे कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
वर्षों से पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया फेस-वन में चल रही मीट की करीब दो सौ दुकानों पर शिकंजा कसते हुए करीब दो सौ दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओर से मंगलवार को की गई इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध करने की भी कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों के सामने उनकी एक नहीं चली।
नगर निगम के ईओ ओपी सिहाग के नेतृत्व में इंडस्ट्रियल एरिया फेस-एक में पहुंची टीम ने मीट मार्केट के सभी दुकानदारों को वहां से सामान हटा लेने की हिदायत दे दी। थोड़ी देर बाद अर्थमूविंग मशीन की मदद से अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने दुकानों को तोड़कर पूरे क्षेत्र को साफ कर दिया। मीट मार्केट के दुकानदार अशोक ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से वह इस मीट मार्केट में काम कर रहा था। नगर निगम की ओर से कार्रवाई के नाम पर छोटे दुकानदारों को तंग किया जा रहा है।
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दुकानदार शिव भजन ने बताया कि निगम की ओर से मीट बेचने वाले दुकानदारों पर तरह-तरह की पाबंदियां लगाई जा रही हैं। गरीबों से रोजगार छिना जा रहा है जबकि इसके लिए अब तक कोई दूसरा इंतजाम नहीं किया गया। अगर, दुकानों को इसी तरह उजाड़ना था तो इससे पहले कोई जगह मुहैया करा देनी चाहिए थी, अब तो सैकड़ों दुकानदारों के सामने अचानक से रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।
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दुकानदारों ने कहा कि पहले आशियाना के पास दुकानें लगती थी, लेकिन निगम के अधिकारियों ने ही उन्हें इंडस्ट्रियल एरिया फेस-एक के नाले के पास दुकानें लगाने की इजाजत दी थी। बिजली के मीटर के कनेक्शन भी मिले, लेकिन अब बगैर नोटिस दुकानों को तोड़ दिया गया। पिछले सप्ताह इंदिरा कालोनी में भी मीट की सात दुकानें सील कर दी गई थीं, जिस पर स्थानीय दुकानदारों ने निगम पर आरोप लगाए थे। निगम के कार्यकारी अधिकारी ओपी सिहाग ने बताया कि शहर में अवैध मीट मार्केट पिछले काफी समय से बनाई हुई थीं। इन दुकानों में मीट बेचने के लिए जरूरी इंतजाम भी पूरे नहीं थे। कई बार नोटिस देने के बाद भी जब दुकानें नहीं हटाई गई तो निगम की ओर से यह कार्रवाई की गई।
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