फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आधा दर्जन स्कूलों में नही बिजली की व्यवस्था, स्कूलों तक बिजली पहुचाने में तार व पॉल का खर्चा बना रोड़ा, बच्चें भविष्य का उजाला अ

विज्ञापन
विज्ञापन
मोरनी के आधा दर्जन प्राइमरी स्कूलों में नहीं बिजली
विज्ञापन

- बालग, लेटबटोली, महमल, कांगर घाट आदि स्कूलों की कक्षाओं में अंधेरे के वक्त खुले में पढ़ते हैं छात्र
- कनेक्शन के पैसे जमा कराने के बावजूद नहीं दी बिजली की सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
मोरनी।
फंड की कमी के कारण बिजली की समस्या से मोरनी खंड के आधा दर्जन स्कूल जूझ रहे है। इन स्कूलों तक बिजली की तारों को पहुंचाने का बजट स्कूलों के पास नहीं है जिस वजह से स्कूल बनने के बाद से ही हर मौसम में बच्चों को अंधेरे में बैठकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। बिजली से वंचित बालग, लेटबटोली, महमल, कांगर घाट आदि प्राइमरी स्कूलों तक बिजली पहुंचाने के लिए जो अनुमानित 2200 रुपये बजट राशि बिजली निगम के द्वारा बताई गई है उतनी बजट राशि इन प्राइमरी स्कूलों के पास नहीं है जिस कारण बिजली कनेक्शन के लिए पैसे जमा करवाने के बाद भी स्कूल बिजली से वंचित है। इनमें से एक-दो स्कूल ऐसे भी है जहां पर मीटर तो लटका हुआ है लेकिन फिर भी स्कूलों में अंधेरा पसरा हुआ है। वहीं, स्कूलों की समस्या से वाकिफ होने के बावजूद भी शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी बिजली कनेक्शन लेने के लिए पैसे जमा करवाने की बात कहकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के साथ अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे है। खंड़ स्तर के शिक्षा अधिकारियों ने विभाग के उच्चाधिकारियों को कईं बार इस समस्या से अवगत करवाते हुए बजट उपलब्ध कराने की मांग भी की है लेकिन क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से अनजान अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
विज्ञापन

खंड शिक्षा अधिकारी महा सिंह संधू ने कहा कि अगर शिक्षा विभाग, बिजली निगम के अधिकारियों द्वारा तैयार की गई अनुमानित राशि उपलब्ध करवा देता है तो जल्द ही इन स्कूलों में बिजली सप्लाई के लिए पोल लगाकर कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें