आग की चपेट में आए लक्ष्मी के सपने, अब कैसे होंगे हाथ पीले?
- पंचकूला सेक्टर-21 के बगल के घर में गैस सिलिंडर फटा
- लक्ष्मी की शादी के लिए रखे एक लाख रुपये और कपड़े जलकर खाक, मार्च 2018 में करनी थी बेटी की शादी
दीपक शाही
पंचकूला।
खाक हुए घरों में एक ऐसा भी घर है, जिसकी बेटी की बारात अगले माह आनी है, लेकिन बारात में आए लोगों की खातिरदारी कैसे करेंगे? परिवार के लोग इसी बात से परेशान है यही सोचकर परिवार के लोगों की आंखों से निकले आंसू भी नहीं थम रहे हैं। क्योंकि लंबे समय से की गई शादी की तैयारी राख के ढेर में बदल गई।
बता दें कि पंचकूला सेक्टर-21 में एक मजदूूर परिवार पिछले कई सालों से मेहनत मजदूरी कर अपनी बेटी की शादी के लिए पैैसे एकत्र कर रहा था। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच पड़ोस के घर में रसोई गैस का सिलिंडर फटा और आग में एक लाख रुपये कैैश, ज्वैलरी व शादी के लिए खरीदे गए कपड़े जलकर राख हो गए।
लक्ष्मी के पिता शंकर महतो ने बताया कि जब घर में आग लगी तो उस समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। बच्चे बाहर खेलने और वह और उसकी पत्नी काम पर गए थे। उन्हें घर में लगी आग और जलते सामान को बुझाने का मौका तक नहीं मिला, जिन पैसों को जोड़ने में उन्हें वर्षों लग गए।
बेटी को घर से विदा करने के लिए एक जोड़ी कपड़े तक नहीं बचे
लक्ष्मी की मां की आंखों से निकलते आंसू और उसकी खामोशी इस बात की गवाही दे रहे थे, कि उसकी बेटी की शादी के बाद घर से विदा करने के लिए एक जोड़ी कपड़े तक उसके पास नहीं बचे हैं। वहीं, बेटी के फेरों के लिए लक्ष्मी की मां ने जो चुंदरी और साड़ी खरीदे थे, वह राख के ढेर में अधजले चमक रहे थे। लक्ष्मी की छोटी बहन सुनिता उसे बटोरने में जुटी थी। इस उम्मीद में कि शायद उसकी बहन की शादी में मदद के लिए कोई आगे आए।
वर पक्ष वालों के हाथ-पैर जोड़ शादी टालने में जुटा परिवार
लक्ष्मी के पिता शंकर महतो ने बताया कि उसकी बेटी की शादी अगले महीने है। बेटी की शादी के लिए जो पैसे, ज्वैलरी व कपड़े खरीदे थे, वह आग की भेंट चढ़ गए। समझ नहीं आ रहा कि बेटी की शादी के लिए कहां से पैसे लाएं। शंकर का कहना है कि वर पक्ष वालों के हाथ-पैर जोड़कर किसी तरह शादी टालने की कोशिश में जुटे हैं, क्योंकि पैसों के अभाव में परिवार पालना उनके लिए मुश्किल हो रहा है, वह बेटी की शादी कैसे करेंगे।
किताबें जलीं, स्कूल कैसे जाएं
लक्ष्मी का छोटा भाई राजा की किताबें और स्कूल ड्रेस भी जलकर राख बन गईं हैं। राजा पंचकूला के सेक्टर-21 गवर्नमेंट स्कूल में छठीं क्लास का स्टूडेंट है। वह किताबें और वर्दी जलने के बाद स्कूल भी नहीं जा पा रहा है। बार-बार उसकी बड़ी बहन लक्ष्मी उन जली किताबों को देखती है, कि काश सब कुछ पहले जैसा हो जाता। वह घर से खुशी-खुशी शादी के बाद विदा हो पाती, उसका भाई स्कूल जा पाता। उसके घर का उजड़ा आशियाना फिर से बस पाता।
पहले रेगुलेटर में लगी आग, फिर सिलिंडर ब्लास्ट हुआ
ललन पासवान ने बताया कि दिन में करीब डेढ़ बजे उसकी पत्नी रसोई गैस के चूल्हे पर खाना पका रही थी, इस बीच रेगुलेटर में अचानक आग लगी और वह अपने आशियाने से बाहर निकलकर भागी वह आग बुझा पाते इतने में सिलिंडर ब्लास्ट कर गया और देखते ही देखते तीन झुग्गियों में रखा सामान जलकर खाक हो गया।