चौथी पीढ़ी में भी बुजुर्ग महिला में खेल का जज्बा कायम
- 79 वर्षीय उषा शर्मा ने फर्स्ट इंडो-बांग्लादेश एथलेटिक मीट में दो सिल्वर पदक हासिल की
- मास्टर एथलेटिक एसोसिएशन दिल्ली की ओर आयोजित हुई थी चैंपियनशिप
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
अगर कुछ करने का जूनून हो, इरादे नेक और बुलंद हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। ऐसा कर दिखाया है, पंचकूला सेक्टर-21 निवासी 79 वर्षीय उषा शर्मा ने। पंजाब एजूकेशन बोर्ड से बतौर असिस्टेंट प्रोडक्शन ऑफिसर के पद से रिटायर होने के बाद इस उम्र में खेलकूद को ही अपना जीवन बनाया और न केवल मिसाल कायम की, बल्कि महज चार साल के खेल कैरियर में एक दर्जन से भी ज्यादा मेडल नेशनल और स्टेट चैंपियनशिप में जीत चुुकी हैं। अभी हाल ही में उषा शर्मा ने 14 से 16 फरवरी तक दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित फर्स्ट इंडो बंगला देश एथलेटिक मीट से दो सिल्वर पदक जीतकर लौटी हैं। यह चैंपियनशिप दिल्ली में मास्टर्स एथलेटिक्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित करवाई गई थी।
कमर की पसलियों में फ्रैक्चर के बाद भी खेलना नहीं छोड़ा
अपनी चौथी पीढ़ी को देखने वाली उषा शर्मा ने 75 प्लस आयुवर्ग की प्रतियोगिता के शॉटपुट और डिसकस थ्रो में एक-एक सिल्वर मेडल हासिल किया है। उषा बताती हैं कि एक्सीडेंट के बाद भी उनकी कमर की पसलियों में फ्रैक्चर हो गया था। फिर भी उन्होंने खेलना नहीं छोड़ा। कुछ दिन के बेड रेस्ट के बाद उन्होंने दोबारा खेलना शुरू किया। उषा महज चार साल के खेल कैरियर में मास्टर्स एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी हिस्सा ले चुकी है।
चार साल में पदक का आंकड़ा दर्जन के पार
पंचकूला निवासी उषा शर्मा ने बताया कि पिछले चार साल में वह नेशनल मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में दो गोल्ड, छह सिल्वर व दो ब्रांज मेडल जीत चुकी हैं। इसके अलावा स्टेट चैंपियनशिप में 17 गोल्ड और एक सिल्वर पदक हासिल कर चुकी हैं।