उम्र 82 साल, डिस्क प्रॉब्लम, जुनून फिर भी कायम
21-25 फरवरी को बंगलूरू के सौंखला में आयोजित 39वीं नेेशनल मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में लेंगे हिस्सा
- 1992 से डिस्क प्रॉब्लम झेल रहे हैं, खेलते समय जंपिंग के दौरान हुई थी
- पूरे देश भर से 28 राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे
- स्पेन में होने वाले वर्ल्ड चैंपियनशिप में लिए प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ी चुने जाएंगे
- इवेंट 100, 200 मीटर लांग जंप और ट्रिपल जंप में सौंखला लेंगे हिस्सा
दीपक शाही
पंचकूला।
उम्र का बढ़ना तो दस्तूर-ए-जहां है, मगर महसूस न करो तो उम्र बढ़ती कहां है। जिंदादिली और जज्बे से भरी न हो तो जिंदगी नीरस है। बस, जज्बा होना चाहिए। उम्र कोई भी हो, मायने नहीं रखती। उक्त पंक्तियां सेक्टर-2 निवासी 82 वर्षीय जीएस सौंखला पर सटीक बैठती दिखाई देती है।
इस मामले में इनसे अच्छा उदाहरण कोई और नहीं है। उम्र के इस पड़ाव में हर किसी की कमर झुक जाती है, ठीक से चलना दूर, उठने-बैठने में भी दिक्कत महसूस होती है और यदि ऐसे में पिछले सोलह साल से डिस्क की प्रॉब्लम हो तो आदमी बिस्तर पकड़ लेता है, लेकिन पोस्टल डिपार्टमेंट में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर रह चुके जीएस सौंखला लंबी कूद में साढे़ तीन मीटर तक और तिहरी कूद में आठ मीटर तक छलांग लगा लेते हैं। वहीं, खेल के मैदान में यह करिश्मा देख लोगों का हैरान होना स्वाभाविक हैं।
21 फरवरी को बैगलोर में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में लेंगे हिस्सा
पंचकूला निवासी जीएस सौंखला 21-25 फरवरी को बैंगलोर में आयोजित 39वीं नेेशनल मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए जाएंगे। जिसमें वह 100, 200 मीटर लांग जंप और ट्रिपल जंप में हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि इसमें देश के अलग-अलग करीब 28 राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि इस चैंपियनशिप में प्रदर्शन के आधार पर दिसंबर में स्पेन में होने वाले वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए खिलाड़ी चुने जाएंगे।
ये है इनकी जिंदादिली का राज
सौंखला सुबह की सेहत का राज कोई जड़ी-बूटी नहीं बल्कि जीवन के प्रति उम्मीदों से भरा उनका नजरिया है। मन चंगा तो कठौती में गंगा। जीवन को जिंदादिली से जीने का जज्बा उन्हें चुस्त-दुरुस्त रहने को प्रेरित करता है। रोज पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में सुबह और शाम ढाई से तीन घंटे प्रैक्टिस करते हैं। बस यही वजह है कि सौंखला साहब लगातार दो बार नेशनल स्टेट नहीं बल्कि एशियन मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करते आए हैं।
इस उम्र में भी हैं चैंपियन
पंचकूला में रहने वाले जीएस सौंखला आज भी उसी शिद्दत से एक खिलाड़ी की भूमिका निभा रहे हैं, जैसा कि जवानी के दिनों में खेला करते थे। उनका मानना है कि जज्बा हो तो उम्र रोड़े नहीं डालती। ट्रैक रिकार्ड की बात करें, तो राष्ट्रीय से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में उन्होंने अब तक करीब 50 से ज्यादा पदक हासिल किए हैं।
एशियन चैंपियनशिप की उपलब्धियों पर एक नजर
- 2010 मलेशिया में आयोजित एशियन मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- 2012 में चाइनीज पाइपी में आयोजित एशियन मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- 2014 में जापान में आयोजित एशियन मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप दो सिल्वर पदक
- 2017 चाइना में आयोजित एशियन मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप एक सिल्वर और तीन ब्रांज मेडल
कुछ अन्य उपलब्धियों पर एक नजर
नेशनल रिकार्ड
- 2013 में 27 जून से 1 जुलाई को बंगलूरू में आयोजित 34वें नेशनल मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप के ट्रिपल जंप 4*400 मीटर और 4*100 मीटर में तीन गोल्ड मेडल।
- 2012 में 23-26 फरवरी को बंगलूरू में आयोजित 33वीं नेशनल मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप के ट्रिपल जंप 4*400 और 4*100 मीटर में गोल्ड मेडल।
- 2011 के 24-27 फरवरी को चंडीगढ़ में आयोजित 32वीं नेशनल मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप के ट्रिपल जंप 4*400 और 4*100 मीटर में गोल्ड मेडल हासिल किया।
- 2009 में 19-27 मार्च को हिसार में आयोजित 30वीं नेशनल मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप के इवेंट ट्रिपल जंप को 8.79 मिनट में पूरा कर नेशनल रिकार्ड बनाकर गोल्ड मेडल जीता।
- 2008 में 23-26 मार्च को गुवाहाटी में आयोजित 29वीं नेशनल मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप के इवेेंट ट्रिपल जंप को 8.74 मिनट में पूरा कर नेशनल रिकार्ड बनाया और गोल्ड मेडल जीता।
स्टेट रिकार्ड
हरियाणा स्टेट मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप के 60, 65, 70, 75 आयु वर्ग के इवेेंट ट्रिपल लांग जंप में स्टेट रिकार्ड।