चंडीगढ़ जिला अदालत ने कर्नल मनवीर सिंह बैंस के खिलाफ हत्या (अल्ट्रनेटिव) और गैर इरादतन हत्या (304-पार्ट-2) की धारा के तहत शुक्रवार को आरोप तय कर दिए। कर्नल बैंस के खिलाफ अब हत्या की धारा के तहत मुकदमा चलेगा। इससे पहले पुलिस ने कर्नल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा (304-पार्ट-2) के तहत चार्जशीट दायर की थी जबकि केस हत्या की धारा 302 के तहत दर्ज किया गया था। कर्नल के खिलाफ केस का ट्रायल 28 फरवरी से शुरू होगा।
सेक्टर-34 थाना पुलिस को मृतक प्रवीण के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर किसी तरह की चोट या जख्म का निशान नहीं मिला था। मौत का कारण नेचुरल पाया गया था और मौत का कारण हार्टअटैक से होना सामने आया था। केस में कानूनी राय लेने के बाद थाना पुलिस ने केस में धारा 302 की जगह कर्नल के खिलाफ 304 (2) के तहत चार्जशीट दायर की थी।
शिकायतकर्ता की ओर से एडवोकेट सुभाष सागर ने आरोप तय करने से पहले हुई बहस में दलील दी कि एफआईआर में साफ है कि आरोपी कर्नल ने प्रवीण यादव की कार का पीछा किया और उन्हें बीच सड़क रोका। उनके अनुसार इसमें आरोपी की मंशा साफ है उन्होंने प्रवीण यादव को पहले धमकाया और कार से बाहर निकलने को कहा। उसके बाहर आने पर कर्नल ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद प्रवीण की मौत हो गई इसलिए केस में कर्नल के खिलाफ 302 की धारा बनती है।
यह है मामला
दो सितंबर 2017 को कर्नल बैंस के खिलाफ सेक्टर-34 थाने में सेक्टर-37 निवासी प्रवीण यादव की हत्या का केस दर्ज हुआ था। सेक्टर-34/44 की विभाजित सड़क पर मामूली बात पर कर्नल बैंस की प्रवीण यादव से बहस हो गई थी। आरोप के अनुसार कर्नल ने बहस के दौरान प्रवीण की पिटाई कर दी। प्रवीण मौके पर बेहोश हो गया और बाद में जीएमसीएच-32 में उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने कर्नल के खिलाफ हत्या की धारा के तहत केस दर्ज किया था।