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इंदिरा और राजीव कालोनी के पूनर्वास के लिए विभाग द्वारा कराए सर्वे रिपोर्ट आरटीआई में मांगी गई थी

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हुडा कालोनियों के पुनर्वास के लिए कराए सर्वे की नहीं दी जानकारी
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एचएसवीपी ने कालोनियों के पुनर्वास के लिए लाखों खर्च कर सर्वे करवाया, आरटीआई में रिपोर्ट मांगी तो नहीं दी पूरी जानकारी
- पहले भी इंदिरा, राजीव कालोनी व खड़ग मंगोली के पुनर्वास के लिए विभाग करवा चुका है सर्वे
- विभाग ने सर्वे आवेदकों की पता सहित सूची नहीं कराई उपलब्ध
दीपक शाही
पंचकूला।
एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) ने लाखों रुपये खर्च कर शहर की तीन कालोनियों का सर्वे तो करवा दिया, लेकिन विभाग के पास सर्वे रिपोर्ट का पूरा आंकड़ा तक उपलब्ध नहीं है। कालोनी वासियों को पुनर्वास के सर्वे के नाम पर कहीं धोखा तो दिया जा रहा है। क्योंकि इससे पहले भी कालोनी वासियों को एक-एक मरले के प्लाट देने के लिए 1995 में विभाग ने सर्वे करवाया था। इंदिरा कालोनी निवासी राम प्रसाद ने बताया कि राजीव और इंदिरा कालोनी वासियों से बाकायदा विभाग ने प्लाट देने के नाम पर 33,21,500 रुपये जमा करवाए थे, उन्होंने बताया कि 2010 में विभाग ने दोबारा प्लाट देने के बजाय फ्लैट देने के नाम पर सर्वे करवाया और लोगों से फ्लैट देने के लिए 76,75,500 रुपये वसूले। लेकिन कालोनी वासियों को 23 साल बाद भी न प्लॉट मिले और न ही फ्लैट। विभाग अभी सिर्फ सर्वे पर टिका है।
आरटीआई में कालोनियों के पुनर्वास, सर्वे की मांगी जानकारी:
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने इंदिरा कालोनी, राजीव कालोनी और खड़ग मंगोली के पुनर्वास के लिए 31 मार्च 2017 को एक करोड़ साठ लाख रुपये का एक निजी कंपनी को टेंडर अलॉट किया था। बाकायदा कंपनी ने तीनों कालोनियों में सर्वे करवाया। लेकिन विभाग के पास कालोनियों की प्रॉपर सर्वे रिपोर्ट नहीं है। इसका खुलासा विभाग की ओर से आरटीआई में दी गई जानकारी में हुआ है। बता दें कि आरटीआई एक्टीविस्ट रामप्रसाद ने 28 दिसंबर 2017 को कार्यकारी अभियंता हुडा डिवीजन नंबर दो से आरटीआई में सूचना मांगी थी। लेकिन सूचना के नाम पर विभाग ने गोलमाल जवाब दिया।
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सूचनाओं का विभाग कुछ यूं दिया गोलमाल जवाब:

सवाल: कालोनी के अनुसार कागजात सहित कुल कितने सर्वे फार्म जमा हुए थे, आवेदकों के नाम, पता सहित सत्यापित सूची उपलब्ध करवाएं।
जवाब- अब तक इस बारे में सर्वे एजेंसी की ओर से पूरी सर्वे रिपोर्ट इस कार्यालय में उपलब्ध नहीं करवाई गई है
सवाल: इंदिरा और राजीव कालोनी के निवासियों ने सर्वे में शामिल होने से मना किया है, उन लोगों का नाम, पता सहित सत्यापित सूची रिकार्ड सहित उपलब्ध कराएं।
जवाब: इस संबंध में भी कोई ब्यौरा एजेंसी की ओर से उपलब्ध नहीं कराया गया है
सवाल: इंदिरा और राजीव कालोनी में कुल कितने परिवार योग्य पाए गए हैं, योग्य परिवारों के लिए क्या मापदंड अपनाए हैं और हुडा बाइलाज के अनुसार योग्य परिवार हुडा बाइलाज की सत्यापित कॉपी उपलब्ध करवाई जाए।
जवाब: योग्य परिवारों के लिए मापदंड अभी तक विभाग की ओर से तय नहीं किए हैं, लेकिन सर्वे सभी के किए जा रहे हैं
सवाल: इंदिरा और राजीव कालोनियों के निवासियों के लिए कुल कितने फ्लैट बनाए जाएंगे, एक फ्लैट की कुल कितनी कीमत होगी और मासिक किस्त कितनी होगी, कितने समय के लिए होगी, फ्लैट का क्षेत्रफल कितने वर्ग गज का होगा और उसमें क्या-क्या सुविधा उपलब्ध होगी, हरियाणा सरकार और भारत सरकार की ओर से एक फ्लैट पर कितने की छूट दी जाएगी।
जवाब: फ्लैटों की संख्या कुल कीमत, मासिक किस्त, फ्लैट का क्षेत्रफल और सुविधाएं अभी अनुमानित हीं हैं, सर्वे का कार्य पूरा होने पर इन्हें फाइनल किया जाएगा।
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सवाल: निजी कंपनी के कर्मचारियों की ओर से कालोनी वासियों का किया गया सर्वे के अनुसार दोनों कालोनियों में कुल कितने मकान सर्वे में पाए गए। कितने मकानों पर ताला लगा मिला और कितने मकान किराए पर हैं, इनकी सत्यापित सूची मकान नंबर और पता सहित उपलब्ध कराई जाए।
जवाब: सिर्फ कंपनी ने इसकी एक अनुमानित रिपोर्ट दी है, जिसकी रिपोर्ट संलग्न है।

एरिया नेम, कुल लाभार्थी, बंद मकान, किराए पर दिए मकान, जिन्होंने सर्वे से किया मना, बिना प्रूफ वास्तविक लाभार्थी, वास्तविक लाभार्थी
इंदिरा कालोनी 2120 248 38 498 नहीं 1336
राजीव कालोनी 3192 143 127 551 नहीं 2421
खड़क मंगोली 1597 43 98 177 165 1114
कुल 6909 434 263 1226 165 4871
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