मल्टीस्टोरी बिल्डिंग आग से नहीं महफूज
पंचकूला में नहीं है हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, कैसे बुझेगी आग
- फरीदाबाद ने की 11 साल पुराना हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भेजने की सिफारिश
- एनसीआर में लग चुका है पुराने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों में अभी भी आग का खतरा बरकरार है। पंचकूला में ऐसी सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें हैं, जहां आग लगने पर इसे बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तक नहीं है। निगम की तमाम कोशिशों के बावजूद हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं मिल सका है। एनसीआर में 10 साल से पुराने कॉमर्शियल वाहनों को प्रतिबंधित करने पर फरीदाबाद के फायर ऑफिसर ने 11 वर्ष पुराना हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मुहैया कराने का भरोसा दिया है। हालांकि फायर स्टेशन ऑफिसर का कहना है कि पुराने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म को पंचकूला भेजने से कोई फायदा नहीं मिलेगा, क्योंकि इसके अधिकतर उपकरण खराब होंगे। हालांकि नगर निगम के कमिश्नर का कहना है कि हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म जल्द लिया जाएगा, ताकि ऊंची बिल्डिंगों में आग को आसानी से बुझाया जा सके।
पंचकूला के एमडीसी, सेक्टर-20 सहित घग्गर पार के सेक्टरों में 200 से अधिक ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी हैं। अगर, इनमें आग लग जाए तो दूसरी मंजिल से ऊपर के फ्लोर की आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं है। ऐसे में आग को बुझाने को बुझाना ही मुश्किल हो जाता है।
एनसीआर में प्रतिबंध के बाद 11 वर्ष पुराना प्लेटफॉर्म भेजने की तैयारी
स्टेशन फायर ऑफिसर एसएस मलिक ने बताया कि 11 साल पुराने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म में कई खराबी हो सकती है। अब तक हाइड्रोलिक प्लेेटफॉर्म नहीं है, ऐसे में आग बुझाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एनसीआर में 10 साल पुराने वाहनों को प्रतिबंधित करने के बाद फरीदाबाद फायर स्टेशन से पंचकूला के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भेजने की बात कही जा रही है। लेकिन इससे पंचकूला की मुश्किलें कम नहीं होंगी।
होटल-रेस्तरां पर गिर सकती है गाज
दो दिन पहले नगर निगम ने आग से बचाव के लिए मानकों को पूरा नहीं करने वाले करीब 20 होटल-रेस्तरां को नोटिस भेजने की सिफारिश करते हुए पुलिस से वहां पार्टी के आयोजन न करवाने के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उनमें से अधिकतर होटलों ने मानकों को पूरा कर लिया है, लेकिन अभी भी चार-पांच ऐसे हैं, जिन्होंने मानकों को पूरा नहीं किया है। उन्हें सील करने की तैयारियां शुरू कर दी गई है।