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चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी के हर कोच में ट्राइसिटी के पर्यटन स्थलों की मिलेगी पेंटिंग

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अब चंडीगढ़ के पर्यटन स्थलों की पहचान बताएगी शताब्दी
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चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी के हर कोच में ट्राईसिटी के पर्यटन स्थलों की मिलेगी तस्वीर

- नवीनीकरण के बाद मंगलवार से शताब्दी के हर कोच और बाथरूम में होगी वाल पेटिंग
- ट्रेन को गोल्ड स्टैंडर्ड के नाम (चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी) से भी जाना जाएगा

दीपक शाही
पंचकूला।
चंडीगढ़-पंचकूला रेलवे स्टेशन पर खड़ी चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी में यात्रियों ने घर जैसे एहसास का मजा लिया। ट्रेन में लगे वाई-फाई हॉट स्पॉट्स से चले एचडी स्ट्रीमिंग ने इस मजे को और दोगुना कर दिया। यह वाक्या था मंगलवार को स्वर्ण योजना के तहत चंडीगढ़ से नई दिल्ली के लिए रवाना हुई पहली शताब्दी के हर कोच का। अब चंडीगढ़ से चलने वाली शताब्दी के सभी कोच सिटी ब्यूटीफुल के पर्यटन स्थलों की पहचान बताएंगे। शहर की इस वीवीआईपी ट्रेन में रॉक गार्डन, रोज गार्डन, यादविंद्रा गार्डन सुखना लेक से लेकर ट्राइसिटी के करीब सभी पर्यटक स्थलों की सुंदर पेंटिंग की झलक देश-विदेश से आने वाले नई दिल्ली से चंडीगढ़ तक शताब्दी में सफर करने वाले पर्यटक देख पाएंगे। सिर्फ इतना ही नहीं सफर के दौरान शताब्दी के सभी कोचों में बैठे यात्रियों को घर की वॉल पेटिंग की तरह नजारा दिखेगा। क्योंकि चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी को स्वर्ण योजना के तहत बेहतरीन सुविधाओं से लैस किया गया है। अब इस ट्रेन को गोल्ड स्टैंडर्ड के नाम (चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी) से जाना जाएगा। ट्रेन के इंटीरियर इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। इसके टॉयलेट का इंटीरियर भी कोच से किसी मामले में कम नहीं है, साथ ही चंडीगढ़ की वीवीआईपी ट्रेन शताब्दी के नवीनीकरण में सुंदरता, स्वच्छता और मनोरंजन व सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया गया है।
यात्रियों ने कहा, घर जैसा एहसास
शताब्दी की नवीनीकरण के बाद मंगलवार को चंडीगढ़-नई दिल्ली तक शताब्दी में सफर करने वाले यात्रियों का कहना है कि उन्हें ट्रेन के सभी कोच में लगे वाल पेंटिंग काफी खूबसूरत लगे। यात्रियों की माने तो पूरे ट्रेन का इंटीरियर घर जैसी वाल पेटिंग एहसास करा रहा था। शताब्दी के यात्री दिल्ली निवासी संदीप ने बताया कि शताब्दी शौचालय का इंटीरियर भी काफी खूबसूरत है। वहीं नोएडा के मनोज ने बताया कि अगर जल्द शताब्दी के सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे भी लग जाए तो सुरक्षा के लिहाज से भी शताब्दी में सफर यात्रियों के लिए बेहतर होगा।
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30 लाख रुपये आया खर्च
चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी के नवीनीकरण पर करीब तीस लाख रुपये खर्च आया है। रेल मंत्रालय ने दिल्ली रीजन की प्रीमियम ट्रेनों को रेनोवेट करने के लिए स्वर्ण योजना शुरू की है। इसके तहत चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी के कोच का रेनोवेशन किया गया है। रेलवे के आला अधिकारियों की माने तो इसके अलावा इस रूट की कालका-नई दिल्ली को भी जल्द रेनोवोट किया जाएगा।

30 प्रीमियर ट्रेनों का बदलेगा हुलिया
रेल यात्रा को मनोरंजक और आरामदायक बनाने के लिए पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु के कार्यकाल के दौरान ही रेलवे ने 30 प्रीमियर ट्रेनों की तस्वीर बदलने के लिए 25 करोड़ का यह प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट में 15 राजधानी और 15 शताब्दी ट्रेनें शामिल हैं।

स्टाफ को दी ट्रेनिंग और नई यूनिफार्म
स्टाफ को साफ-सफाई और खाना पहुंचाने के लिए ट्रॉली के इस्तेमाल का विशेष प्रशिक्षण दिया है। प्रीमियर ट्रेनों के स्टाफ के लिए नई यूनिफॉर्म डिजाइन की गई है। इसके अलावा अगले साल यात्रियों को ट्रेन में फिल्म, सीरियल, म्यूजिक समेत मनोरंजन के अन्य साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं यात्री ट्रेन में वाई-फाई हॉट स्पॉट्स से एचडी स्ट्रीमिंग का भी आनंद ले पाएंगे।
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नवीनीकरण के बाद भी शताब्दी में नहीं लगा सीसीटीवी कैमरा
रेलवे के अधिकारिक सूत्रों की माने तो अभी चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी में सीसीटीवी कैमरे का प्रपोजल नहीं है। जबकि रेल मंत्रालय का दिल्ली रीजन की प्रीमियम ट्रेनों के हर कोच में स्वर्ण योजना के तहत दो सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रपोजल था। उसके बाद भी चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी में सीसीटीवी कैमरा नहीं लग पाया।
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