फिल्म पद्मावती पर रोक लगाने कि की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
कालका/पिंजौर।
रविवार को फिल्म पद्मावती के विरोध में राजपूत समाज कालका-पिंजौर ने विशाल स्वाभिमान रैली निकाली। रैली में हजारों की संख्या में राजपूत समाज के लोगों ने भाग लिया, जिसमें युवाओं ओर महिलाओं ने भी बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी दिखाई। यह रैली पिंजौर गार्डन से शुरू होकर कालका एसडीएम कार्यालय में पहुंची। जहां राजपूत समाज के लोगों ने एसडीएम के माध्यम से हरियाणा प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन पचंकूला के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने तुरंत प्रभाव से फिल्म पद्मावती के प्रदर्शन पर पाबंदी लगाने की मांग की। ज्ञापन तहसीलदार कालका डॉ. कुलदीप मलिक ने लिया।
अखिल भारतीय क्षत्रीय महासभा के प्रदेश प्रवक्ता बलवान सिंह ठाकुर ने ज्ञापन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि संजय लीला भंसाली द्वारा निर्मित फिल्म पद्मावती में राजपूत समाज की संस्कृति व ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है। इससे की राजपूतों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने का कार्य किया है। साथ ही भारतीय संविधान में प्रदत्त सभी समुदायों की ऐतिहासिक संस्कृति के संरक्षण की उल्लंघना हुई है। उन्होंने बताया कि राजपूत समाज किसी भी कीमत पर अपने इतिहास को तोड़ने या उससे छेड़छाड़ नहीं होने देगा। उन्होंने बताया कि पद्मावती ने 16000 महिलाओं के साथ जौहर किया था, जिसका विश्व के किसी भी देश में आज तक ऐसा उदाहरण नहीं मिलता है। उन्होंने बताया कि रानी पद्मावती ने जो इतिहास रचा है उस पर न सिर्फ राजपूत समाज बल्कि समस्त हिन्दू समाज की महिलाओं को गर्व है। उन्होंने बताया कि यदि यह फिल्म रिलीज होती है तो महिलाओं के मान-सम्मान को भारी ठेस पहुंचेगी और हिन्दू समाज की भावनाओं को भारी आघात लगेगा।
इस अवसर पर एमके शिशोदिया, अनंत राम राणा, बलवान ठाकुर, धूम सिंह राणा, जौगिन्द्र तंवर, शिवकुमार खेड़ावली, नराता राम जबरोट, भाग सिंह बाड़, प्रेमपाल सिंह राघव, तेजपाल सिंह चौहान, कर्म सिंह चौहान, मान सिंह चौहान, राजकुमार, दर्शन सिंह, जसवंत सिंह राणा, दीन दयाल राणा और दिव्य प्रताप शिशोदिया मौजूद रहे।