ऊबड़खाबड़ सड़कों पर गिरने से दो बुजुर्ग चोटिल
-डॉक्टर ने कहा-चोट गंभीर, दो माह करना पड़ेगा बेड रेस्ट
-पंचकूला सेक्टर 25 के मकान नंबर 1443 की सड़कें दस साल पहले बनी थीं, सेक्टर बसने के बाद किसी ने ध्यान नहीं दिया
-हुडा के अधिकारी एस्टीमेट का राग अलापते रहे, विभाग ने निगम को सेक्टर ट्रांसफर कर दी, अब निगम का ध्यान नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने घग्गर पार सेक्टर-25 तो बसा दिया, लेकिन यहां के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। घर के सामने बनी सड़कें चलने के लायक नहीं बची हैं। अक्सर इन ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर लोगों की बाइक फिसल जाती और स्थानीय लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। शनिवार को दो बुजुर्ग चोटिल हुए। इनमें एक महिला के पांव में गंभीर चोट आने के कारण डॉक्टर ने बेड रेस्ट के लिए कहा है। वहीं, दूसरे बुजुर्ग के हाथ में चोट लगने के कारण खून के चकत्ते पड़ गए हैं। सेक्टर वासियों की माने तो हुडा, नगर निगम और प्रशासन के अफसरों को लोग हजारों बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन कोई अफसर नहीं सुनता है। अब लोगों ने सीएम को शिकायत भेजी है। लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं हुई। लोगों की माने तो सेक्टर के कई बुनियादी सुविधाओं को अभाव में अपना मकान बेचकर दूसरे शहर पलायन हो गए और कुछ लोग मकान बेचकर सेक्टर छोड़ने की तैयारी में हैं।
सुमन रानी के पैर में गंभीर चोट
पंचकूला के सेक्टर-25 निवासी 70 वर्षीय सुमन रानी ने बताया कि शनिवार दोपहर बेटी से मिलने उसके घर जा रही थी। उसके घर के सामने मकान नंबर 1443 की सड़क टूटी है और सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। सड़क पर पानी होने के चलते गड्ढे का अंदाजा नहीं लग पाया और गड्ढे में पैर पड़ते ही मुड़ गया है। इसके बाद वह सड़क पर गिर गईं। डॉक्टर ने एक माह का बेड रेस्ट करने के लिए कहा है।
आधे हाथ पर पड़ गए खून के चकत्ते
पंचकूला के सेक्टर-25 निवासी सरदारी लाल ने बताया सेक्टर की सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। नतीजा शुक्रवार की शाम टूटी सड़क पर स्कूटर फिसल जाने से वह चोटिल हो गया। उन्होंने बताया कि हाथ में चोट लगने के कारण पूरी रात दर्द के कारण सो नहीं पाया। चोट इतनी गहरी थी कि बाजू के आधे हिस्से पर खून के चकत्ते पड़ गए हैं। सिर्फ इतना ही नहीं स्कूटर का काफी नुकसान हुआ है।
शादी के चलते घर के सामने गड्ढों को भरवाया
सेक्टर 25 निवासी विजय गांधी ने बताया कि नगर निगम, हुडा व प्रशासन से गुहार लगाने के बाद जब सड़कें नहीं बनीं तो हारकर खुद घर के सामने रोड गड्ढों को भरवाया। क्योंकि घर में बेटी की शादी है। इसलिए गेट के सामने की टूटी सड़कों पर सीमेंट भरवया। ताकि शादी के समय घर आने वाले रिश्तेदार और घर के सदस्य चोटिल न हों।
अगस्त 2016 में एक परिवार के चार लोग हुए थे चोटिल
सेक्टर की बदहाल सड़कों की वजह से आए दिन लोग चोटिल होते रहते हैं। सेक्टर में रहने वाली महिला विजय गांधी ने बताया कि पिछले साल अगस्त महीने में सड़कों पर बने गड्ढे की वजह से दो परिवारों के 4 सदस्य बुरी तरह से चोटिल हो गए थे। चारों करीब एक महीने तक बेड रेस्ट पर रहे। उसमें दो महिलाएं दो बच्चे शामिल थे। हैरानी की बात यह है कि उसके बाद हुडा की ओर से जल्द से जल्द सड़कों की रीकार्पेटिंग का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दिसंबर में सेक्टर नगर निगम को ट्रांसफर होने के बाद हुडा ने नगर निगम के पास सेक्टर के मेंटनेंस का काम होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
सेक्टर के अंदर की सड़कों पर चार हजार से ज्यादा गड्ढे
सेक्टर 25 की अंदरूनी सड़कों पर तीन हजार से ज्यादा गड्डे हैं। यहां की 80 फीसदी सड़कें टूटी हैं। सड़कों की हालत तस्वीरें बयां कर रही हैं। ये सड़कें पैदल चलने के लायक भी नहीं हैं। जिसके चलते सेक्टर के करीब छह हजार लोग पिछले पांच साल से परेशान हैं। लोगों की माने तो यहां दस साल पहले सड़कें बनी थीं। बारिश होने के बाद 4 से 5 दिन तक रोड बंद रहने जैसे हालात होते हैं। सेक्टर की रोड गलियां ब्लॉक होने और सीवेरज सिस्टम ठप होने के कारण हल्की सी बारिश होने पर सड़कों पर आधा फुट से लेकर डेढ़ फुट तक घंटों तक पानी एकत्रित रहता है। कई दिनों तक सड़कों का पानी नहीं सूखता। नतीजा मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
2016 दिसंबर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने घग्गर पार के सेक्टरों को निगम के हवाले किया था
दिसंबर 2016 में हुडा ने घग्गर पार के सेक्टरों को नगर निगम को ट्रांसफर कर दिया था और उसके बाद से घग्गर पार के सेक्टरों के मेंटेनेंस का जिम्मा नगर निगम के पास चला गया। लेकिन 11 माह बाद भी नगर निगम के लापरवाह रवैये चलते शहर के लोगों को सड़क, सफाई, सहित अन्य बेसिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
रिपोर्ट दीपक शाही
सभी फोटो-दीपक शाही
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