गुरुग्राम की तरह न हो वारदात, इंतजाम में जुटा प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
स्कूल के अंदर गुरुग्राम में सात वर्षीय प्रद्युम्न की हत्या के बाद अभिभावकों की चिंता बढ़ने के साथ प्रशासन ने सभी स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शहर के तमाम स्कूलों के कर्मियों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसी किसी भी अनहोनी भविष्य में न हो। इसी सिलसिले में बुधवार को सभी स्कूल प्रबंधन और ट्रांसपोर्ट इंचार्ज की मीटिंग बुलाई गई हैै।
एडीसी राजेश जोगपाल ने बताया कि सभी स्कूलों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान स्कूल में सीसीटीवी कैमरे, कर्मियों के पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल जांच सहित सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का पालन कराने के लिए स्कूलों को निर्देश दिए जाएंगे। इस संदर्भ में पुलिस को भी पत्र लिखकर जानकारी दी गई है ताकि वेरिफिकेशन का भी कार्य जल्द से जल्द पूरा हो सके।
दो स्कूलों में इसी हफ्ते सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें जैनेंद्रा गुरुकुल के दो स्कूल शामिल हैं। हाल में शहर के कई निजी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन जहां कैमरे नहीं हैं वहां स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरे में है।
नॉन टीचिंग स्टाफ को भी स्कूल के अंदर सभी जगहों पर प्रवेश न दिए जाने पर भी इस दौरान चर्चा होगी, ताकि नौनिहालों की सुरक्षा को कोई खतरा न हो।
बसों में भी सुरक्षा मानकों को सख्ती से किया जाएगा लागू
एडीसी ने बताया कि न केवल स्कूल परिसर बल्कि सुरक्षा के लिहाज से जरूरी मानकों को बसों में भी लागू किया जाएगा। जिन स्कूलों में कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाएगा, ताकि बच्चों की सुरक्षा में कोई चूक न रह जाए। बावजूद इसके अगर कमियां पाई गई तो संबंधित विभाग की ओर से उन पर कार्रवाई की जाएगी।
ईडब्ल्यूएस छात्र अभिभावक संघ ने दी थी शिकायत
ईडब्ल्यूएस छात्र अभिभावक संघ के राज्य प्रधान भारत भूषण बंसल, उपाध्यक्ष अमरदीप, महासचिव सलाउद्दीन सहित अन्य सदस्यों ने स्कूलों में सुरक्षा के लिहाज से कर्मियों के पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल जांच कराने की मांग की है। बुधवार को होने वाली बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर तमाम पहलुओं पर चर्चा के बाद इन्हें स्कूलों में लागू किया जाएगा।