बिना पूर्व सूचना के कालका-शिमला रेलवे फाटक रहा बंद
कालका।
एनजी डीजल शेड के पास बने कालका-शिमला रेलवे फाटक को मरम्मत कार्य के चलते रविवार व सोमवार को बंद किया गया था। वहीं रेलवे फाटक बंद होन के कारण लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बता दें कि फाटक पर चल रहे मरम्मत कार्य की कोई सूचना या बैनर दूर-दूर तक नहीं दिखाई दिया। जिस कारण भरत नगर व मिलिट्री एरिया मोड़ के पास वाहन इस रोड पर प्रवेश करते दिखे। लेकिन फाटक बंद होने के कारण दोनों ओर जाम की स्थिति बनी रही। वाहन चालक पहले तो इस रोड पर एंटर होते फिर वाहन बैक करते तो जाम जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अधिकांश शहर वासी इसी रोड से भरत नगर, गुग्गामाड़ी, माजरा, खेड़ावली, लेही, बद्दी की ओर पलायन करते हैं, क्योंकि कालका वासियों को यहां से शार्टकट पड़ता है। परंतु रविवार से चल रहे मरम्मत कार्य के कारण अब शहरवासियों को उपरोक्त रूट पर जाने के लिए मील चुंगी से होकर जाना पड़ा। जिससे की लोगों को समय व इंधन दोनो अधिक खर्च करना पड़ा।
माजरा साइड पर वाहनों की लंबी कतारें
वहीं माजरा रोड पर नाले व साइड में पेवर ब्लाक लगाने का काम चल रहा है, इतना ही नहीं एक निजी कंपनी की केबल भी डाली जा रही है। जिसके चलते मील चुंगी से वाहन एंटर तो हो गए परंतु माजरा, खेड़ावली, लेही, मढ़ावाला की ओर जाने वाले चालकों को जाम का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं यह रोड पहले से अधिक व्यस्त रहा। माजरा साइड पर वाहनों की लंबी कतारें लगी दिखीं। जिसे क्रॉस करने में अधिकांश वाहन चालकों के पसीने छूट गए।
सूचना पट्ट न होने के कारण वाहन चालकों में दिखा रोष।
फाटक पर मरम्मत कार्य चलने की सूचना दूर-दूर तक नहीं थी। इस कारण वाहन चालकों को घंटों इस रोड पर एंटर करने के बाद गाड़ी वापस मोड़ने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों ने बताया कि संबधित विभाग को मिलिट्री एरिया के साथ लगते मोड़ व फाटक के दूसरी ओर भरत नगर के एंट्री प्वाइंट पर फाटक बंद होने की सूचना का कोई बैनर अथवा बोर्ड लगा देना चाहिए था। जिससे चालक फाटक वाले रोड पर एंटर ही नहीं होते।
इस बारे में पीडब्ल्यूआई से संपर्क करने की कोशिश की गई तो कई बार फोन करने पर भी उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रविवार को सुबह सवा 8 बजे के करीब जरूरी मरम्मत कार्य के लिए फाटक बंद किया था जो सोमवार शाम खोल दिया गया। ट्रैफिक इंचार्ज कालका रामकुमार और एसएचओ अजीत सिंह के अनुसार उन्हें रेलवे फाटक बंद किए जाने के बारे में रेलवे की ओर से कोई सूचना नहीं मिली है।