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देश के नक्शे पर पहचान कायम करेगी पंचकूला की सेब मंडी:धनखड़

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देश में पहचान बनाएगी पंचकूला की सेब मंडी : धनखड़
कृषि मंत्री की मौजूदगी में हुई सेब खरीद सीजन की शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि वह समय दूर नहीं, जब पंचकूला की सेब मंडी देश के नक्शे पर होगी। एयरपोर्ट की सुविधा होने से यहां से सेब के निर्यात की तमाम संभावनाएं हैं। मंगलवार को कृषि मंत्री सेक्टर-20 में नव विकसित सेब मंडी के खरीद सीजन की शुरुआत के मौके पर पहुंचे थे।
इस मौके पर कृषि मंत्री ने कहा कि सालाना करीब 3500-4000 करोड़ रुपये के टर्न ओवर वाली इस मंडी से करीब 20 हजार युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं। मंडी प्रांगण में हवन के साथ सेब खरीद सीजन की विधिवत शुरुआत हुई। इस मौके पर सीजन की पहली बोली पर सेब की बिक्री की भी शुरुआत की गई। पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड की चेयरपर्सन कृष्णा गहलावत भी मौजूद रहे। कृषि मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और उप राष्ट्रपति चुनाव के लिए वैंकेया नायडू भारी मतों से विजयी होंगे।
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प्रदेश के कृषि मंत्री ने कहा यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि केवल अनाज ही नहीं बल्कि फल के क्षेत्र में सेब मंडी की शुरूआत भी हरियाणा में हो गई है। प्रदेश में वह दिन भी दूर नहीं है जब प्रदेश की सभी मंडियों को ई-नामित कर दिया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि पंचकूला में सेब की बोली होगी तो गुड़गांव का व्यापारी भी वहीं बैठे सेब की खरीद कर सकेगा।
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कांग्रेस-इनेलो का काम किसानों को गुमराह करना: धनखड़
कृषि मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस व इनेलो का काम केवल प्रदेश के किसानों को गुमराह करना है। पहले की सरकारों के कई फैसले इस बात को प्रमाणित करते हैं कि किसानों के हितों से कांग्रेस का कोई सरोकार नहीं रहा। यह रिकार्ड की बात है कि कांग्रेस के कार्यकाल में डीएपी खाद पर सब्सिडी को एक ही दिन में एक लाख करोड़ से घटाकर 63 हजार करोड़ कर दिया गया था। सही मायनों में स्वामीनाथन की रिपोर्ट को मौजूदा सरकार लागू कर रही है। तथ्य तो यह है कि कांग्रेस सरकार में तमाम सिफारिशों के बावजूद रिपोर्ट को लागू नहीं किया गया। जबकि स्वामीनाथन की सिफारिशों के मुताबिक किसानों के लिए मुआवजा राशि 12 हजार रुपये तक करने का काम सरकार ने किया है। ई-मंडी के जरिये प्रदेश की सभी मंडियों को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।
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