चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर लगाए गए हेल्प डेस्क पर पहुंचे लोग।
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Gonda Train Accident: चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस वीरवार को दोपहर करीब 2.10 पर गोंडा रेलवे स्टेशन से खुली। महज 25 मिनट बाद करीब 2.35 में ट्रेन के कोच लड़खड़ाने लगे। कुछ समझ पाते तब तक एसी के डिब्बों ने करवट लेना शुरू कर दिया और फिर वे पलटते चले गए। देखते ही देखते ट्रेन में कोहराम मच गया। ट्रेन से कूदते समय कई लोगों का सिर बिजली के खंभों से टकराकर फट गए। कुछ के पांव और हाथ में चोट आई है। जो ट्रेन में फंसे थे, वे चीखने चिल्लाने लगे।
बुधवार को ट्रेन रात 11.39 बजे चंडीगढ़ से रवाना हुई थी। वीरवार को दोपहर झिलाही स्टेशन के पास गोंडा मनकापुर रेल खंड पर चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पलट गए थे। इस ट्रेन में करीब 1500 रेल यात्री सफर रह रहे थे। आरक्षित यात्रियों की संख्या करीब 1200 थी। इसमें सेकंड एसी में 52, थर्ड एसी में 288, स्लीपर क्लास में 820 यात्री शामिल थे। इसके अलावा जनरल डिब्बों में करीब 300 यात्री सवार थे। इसमें एसी कोच में सवार यात्री सबसे ज्यादा घायल हुए हैं। इस घटना के करीब दो घंटे बाद अंबाला डिवीजन ने हेल्प लाइन नंबर जारी कर दिया था।
वहीं, हादसे के बाद चंडीगढ़ से हेल्पलाइन विंडो स्थापित कर दी गई है। इस हादसे की खबर लगने के साथ ही चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर लोगों का तांता भी लगना शुरू हो गया। अपनों का पता करने के लिए लोगों चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंच रहे हैं। अभी यह जानकारी सामने आ रही है कि जिन दो लोगों की मौत हुई है उनमें से एक चंडीगढ़ का व्यक्ति है।
ट्रेन के 15 डिब्बे हो गए बेपटरी
अंबाला मंडल की तरफ से बताया गया कि ट्रेन में कुल 19 डिब्बे थे, जिनमें से 15 पटरी से उतर गए। इनमें से चार बोगियां ट्रेन से अलग होकर खेतों में पलट गई। इन बोगियों में सवार दो यात्रियों की मौत हुई है। 30 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। घायलों में कई लोग गंभीर घायल हैं।