फैक्ट्री में सैंपलिंग करती खाद्य विभाग की टीम।
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मोग के गांधी रोड पर स्थित आटा फैक्ट्री लाए गए कुट्टू के आटे की रोटी खाने से 15 लोगों की तबीयत खराब हो गई। उन्हें मोगा के सिविल अस्पताल समेत विभिन्न निजी अस्पतालों में दाखिल करवाना पड़ा। सूचना मिलते ही फूड इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह विर्क ने शनिवार सुबह अपनी टीम के साथ उक्त आटा फैक्ट्री में दबिश दी। फैक्ट्री में बना ये आटा शहर समेत जिले के विभिन्न गांवों में सप्लाई हुआ था।
जानकारी के अनुसार शहर निवासी नवदीप सिंगला की बेटी ने शहर की एक दुकान से उक्त फैक्ट्री में बना कुट्टू आटा खरीदा था। आटे से बनी रोटी खाने के कुछ समय बाद ही नवदीप सिंगला, उनकी पत्नी, बेटी और पिता की तबीयत खराब हो गई। सिविल अस्पताल लाने पर डॉक्टर ने बताया कि उन्हें फूड प्वाइजनिंग हो गई है।
शहर के करीब 15 लोग इस फैक्ट्री का आटा खाने से बीमार हो गए। उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल करवाया गया था। सूचना पर शनिवार सुबह खाद्य विभाग की टीम ने इस फैक्ट्री में दबिश दी। उन्हें पता चला कि एक ही बैच नंबर पर छह तरह के अलग-अलग खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। उक्त खाद्य पदार्थ बनाने के लिए फैक्ट्री मालिक के पास राज्य स्तर का लाइसेंस था जबकि उसके पास राष्ट्रीय स्तर का लाइसेंस होना चाहिए।
फूड इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह विर्क का कहना है कि उक्त मामले की जांच की जा रही है। फैक्ट्री से आटे समेत विभिन्न प्रकार के छह खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे गए हैं। जल्द ही उनकी रिपोर्ट मंगवाकर आगामी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पता चला है कि अब तक उक्त फैक्ट्री से उस बैच नंबर का करीब 400 क्विंटल आटा शहर में सप्लाई हो चुका है। उनकी ओर से फैक्ट्री मालिक को आदेश जारी किए गए हैं कि तुरंत प्रभाव से उक्त बैच नंबर का आटा शहर की सभी दुकानों से वापस मंगवाया जाए।