मोरनी के दूसरे गांव भी पानी के लिए लामबंद
धारला पंचायत ने चक्का जाम करने की दी चेतावनी
कहा-अधिकारी वर्षों से कर रहे हैं गुमराह, नहीं मिला पानी
सीएम के आगमन पर डर के मारे दिया था दो दिन में समस्या का समाधान का आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
मोरनी।
मोरनी खंड में पीने के पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों का जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा अब सड़क तक पहुंचने लगा है। पिछले दिनों थापली, नाइटा, धारटी में दस दिनों से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने जब मोरनी पंचकूला मुख्य मार्ग को जाम किया तब जाकर उन्हें पानी मिला। भोज नग्गल की धारला पंचायत ने पानी की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान न होने पर चक्का जाम व भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। फिलहाल ग्रामीणों ने अधिकारियों को दो सप्ताह का समय दिया है। अगर इस बीच समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विरोध सहने के लिए तैयार रहें। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के एसडीओ और जेई पीने के पानी की समस्या का समाधान करने की बजाय पांच वर्षों से ग्रामीणों को टरकाया जा रहा है। जिससे परेशान होकर उन्होंने अब चक्का जाम करने और अधिकारियों को बंधक बनाने की चेतावनी दी है, जिसकी जिम्मेदारी जन स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की होगी। ग्रामीणों का आरोप है कि जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मोरनी के ग्रामीणोंका समाधान न करके हरियाणा सरकार की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं। साथ ही विपक्ष के मुख्यमंत्री पर अपने अधिकारियों पर न नियंत्रण न होने के तंज को सही साबित करने में तुले हैं।
गैर जिम्मेदाराना बर्ताव से ग्रामीण परेशान
धारला पंचायत के सरपंच सुरेश पाल, पूर्व सरपंच नारदा देवी, पंच प्रीतम सिंह, बलदेव महिला समूह प्रधान रोमा देवी सतपाल व अन्य ने बताया कि उनके गांव में कई वर्षों से पीने के पानी की सप्लाई नहीं है। मोरनी में लगाए गए खुला दरबार में विभाग का कोई अधिकारी नहीं रहता। विभाग के इस गैर जिम्मेदाराना बर्ताव से ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। वहीं ग्रामीणों ने स्थायी समाधान तक पीने के पानी की पाइप ठीक करने के लिए दो सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी कि अगर इस बीच काम नहीं हुआ तो चक्का जाम करेंगे।
जब सीएम आ रहे थे तो ग्रामीणों ने दी थी रास्ता रोकने की चेतावनी
मोरनी के हिमाचल के साथ लगते आखिरी गंाव निमवाला में गत वर्ष जनवरी में पुल के उद्घाटन अवसर पर ग्रामीणों ने सीएम के काफिले का रास्ता रास्ता रोककर सीएम को अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने का एलान किया था। जैसे ही जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने ग्रामीणों से लाख मिन्नतें कर समस्या के समाधान का झूठा आश्वासन दिया। इसी उन्होंने दो चार दिन तक पानी के टैंकरों भेज खानापूर्ति कर दी थी।
चक्का जाम कर मनवाएंगे ये मांगें
इन ग्रामीणों का कहना है कि वह चक्का जाम कर विभाग के एसडीओ और जेई का तुरंत तबादला कराएंगे। इसके अलावा उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। यहीं नहीं यहां किसी जिम्मेदार अधिकारी लगाने की मांग रखी रखी जाएगी। ताकि वह यहां के ग्रामीणों की समस्याओं का सही व समय पर समाधान हो सके। साथ ही सरकार कर छवि को भी नुकसान न हो।
सात माह से पानी नहीं मिल रहा, बिल भरे जा रहे हैं
जन स्वास्थ्य के अधिकारी मोरनी में ड्यूटी के प्रति कितने सजग है। वह जनता की समस्याओं की कितनी अनदेखी करते हैं, उसके मोरनी में दर्जनों उदाहरण हैं। मामला खंड के बिजलाग गांव में देखने को मिला है, जहां विभाग छह-सात माह से पानी की एक बूंद नहीं पहुंचा पाया है। ग्रामीण हीरा सिंह ने बताया कि उनके पास छह माह से पानी सप्लाई नहीं मिली है। फिर भी वह विभाग के बिल भर रहे हैं। पानी की सप्लाई न होने से स्कूल में भी बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही शौचालय के अलावा अन्य कार्यों के लिए भी पानी की कमी है।