चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 में जल्द ही आईसीयू में 7 के बजाय 21 मरीजों के इलाज की सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके लिए अस्पताल के आईसीयू में 14 और वेंटिलेटर स्थापित किए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आईसीयू का विस्तार होने से गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी और उन्हें रेफर करने की कम से कम स्थिति उत्पन्न होगी। कोरोना के दौर में वेंटिलेटर की जरूरत को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग को 14 वेंटिलेटर दिए हैं, जिसे जीएमएसएच-16 में स्थापित किया जा रहा है।
गंभीर मरीजों को मिलेगी राहत
जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि सरकार की तरफ से मिले 14 वेंटिलेटर को आईसीयू वाले फ्लोर पर बनाए गए ट्रामा सेंटर एरिया में स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आईसीयू को विस्तारित करने के लिए ट्रामा सेंटर को दूसरे जगह स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसे में अब 7 बेड के आईसीयू में 21 बेड का संचालन किया जा सकेगा। इस सबमें करीब 10 दिन का समय लगेगा।
7 बेड के आईसीयू से चल रहा काम
मौजूदा समय में अस्पताल की आईसीयू में 7 बेड उपलब्ध है। ऐसे में कोरोना महामारी के दौर में आईसीयू के सभी बेड हमेशा फुल ही रहते हैं। इस कारण इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को जीएमसीएच-32 या पीजीआई रेफर करना पड़ रहा है। ऐसे में अस्पताल को 14 और वेंटिलेटर मिल जाने से गंभीर मरीजों के इलाज में काफी सहूलियत होगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
सरकार की तरफ से चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग को मिले 14 वेंटिलेटर जीएमएसएच-16 में स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही गंभीर मरीजों को इसका लाभ मिलने लगेगा। -डॉ. अमनदीप कंग, निदेशक स्वास्थ्य