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Chandigarh News: पंजाब के जीएसटी संग्रह में 14 फीसदी की बढ़ोतरी

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अक्टूबर माह में सूबे का कुल जीएसटी संग्रह 2,716 करोड़ तक पहुंचा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के जीएसटी संग्रह में 14 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अक्टूबर माह में सूबे का कुल जीएसटी संग्रह वृद्धि के साथ 2,716 करोड़ तक पहुंचा गया है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने इस संबंध में जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि हर माह प्रदेश के जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी हो रही है। अक्टूबर 2025 में यह 2,393.22 करोड़ रुपये था। इस प्रकार 323.38 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। राज्य के कुल जीएसटी राजस्व में अप्रैल-अक्टूबर 2026 के दौरान 16.39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कुल जीएसटी संग्रह में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के राजस्व में लगातार हो रही वृद्धि बेहतर निगरानी, प्रौद्योगिकी आधारित जांच और मजबूत प्रशासन की कार्यकुशलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। चीमा ने बताया कि अप्रैल-अक्टूबर 2026 के दौरान प्रदेश का कुल जीएसटी संग्रह 18,047.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 15,505.66 करोड़ रुपये था। इस प्रकार 2,542.02 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ। वित्त मंत्री ने वैट और सीएसटी के तहत प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए बताया कि अक्टूबर 2026 के दौरान इन दोनों कर मदों के तहत संयुक्त संग्रह 23.76 प्रतिशत बढ़कर 763.49 करोड़ रुपये हो गया, जो अक्टूबर 2025 के दौरान 616.93 करोड़ रुपये था।
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चीमा ने कहा कि आबकारी एवं कर विभाग ने अक्टूबर 2026 के दौरान कर चोरी, वस्तुओं के नियमों के विरुद्ध परिवहन, फर्जी बिलिंग और जीएसटी नियमों के अन्य उल्लंघनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए 111.12 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए हैं। लुधियाना की बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी से संबंधित बड़े जीएसटी धोखाधड़ी नेटवर्क का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि विभाग ने इस मामले में 20 करोड़ रुपये का कर वसूल किया है।
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पहले की गई जांच में लगभग 62 आपस में जुड़ी फर्मों के संदिग्ध बहु-राज्यीय जीएसटी धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ था, जिसमें 400 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी का संदेह था। ई-वे बिल लेन-देन के विस्तृत विश्लेषण और आगे की जांच के बाद माल भेजने वाली और प्राप्त करने वाली फर्मों के नेटवर्क के माध्यम से काम कर रहे अन्य चार ट्रांसपोर्टरों की संदिग्ध संलिप्तता सामने आई है। जांच के बाद इन चार ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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