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संदिग्ध हालात में छात्र की मौत, मां ने रंजिशन हत्या और लापरवाही का लगाया आरोप, स्कूल ने बताया हादसा

Wed, 05 Feb 2020 10:23 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
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मृतक निखिल का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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सुनारिया रोड स्थित मानव रचना ग्लोबल स्कूल के मैदान में बुधवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में फुटबाल गोल पोस्ट गिरने से 8वीं के छात्र निखिल (13) की मौत हो गई। उस समय मैदान में ही खेल रही छात्र की बहन को जैसे ही सहेलियों ने हादसे के बारे में बताया तो खून से लथपथ भाई को देख जोर-जोर से रोने लगी। स्कूल प्रबंधन ने इसे हादसा बताया है। वहीं, बच्चे की मां ने रंजिशन हत्या और स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा शिवाजी कॉलोनी थाने में शिकायत दी है।

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मानव रचना ग्लोबल स्कूल के प्राचार्य धर्मवीर ने इस पूरे मामले को हादसा बताया। प्राचार्य ने कहा कि स्कूल ग्राउंड में फुटबाल का गोल पोस्ट लगा हुआ है। बुधवार दोपहर आधी छुट्टी के दौरान उसके इर्द-गिर्द काफी बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हुआ और गोल पोस्ट निखिल पर आ गिरा। खून से लथपथ हालत में स्कूल प्रबंधन निखिल को तुरंत पीजीआई ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

मामले की सूचना पर रोती-बिलखती पीजीआई पहुंची बच्चे की मां कविता ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही और हत्या का आरोप लगाया। कविता ने कहा कि स्कूल में निखिल के साथ चार दिन पहले भी मारपीट हुई थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी ने रंजिशन उसके बेटे की हत्या की है। साथ ही सवाल उठाया कि अगर स्कूल प्रशासन को पता था कि गोल पोस्ट बिना किसी सपोर्ट के जमीन पर रखा है तो समय रहते सही व्यवस्था क्यों नहीं की गई। सूचना मिलने पर स्कूल में थाना प्रभारी दिलबाग सिंह एफएसएल टीम के साथ पहुंचे। मौके से सुबूत जुटाए। 

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रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
बच्चे के शव को शवगृह में रखवा दिया है। गुरुवार को परिजनों के बयान लेने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। साथ ही शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - दिलबाग सिंह, शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी

मृतक के पिता बीएसएफ में हवलदार
निखिल के पिता कुलदीप बीएसएफ में हवलदार हैं। वह ओडिशा में तैनात हैं। हादसे की सूचना मिलते ही वह वहां से रोहतक के लिए रवाना हो गए।

ग्राउंड में खेल रही बहन को सहेलियों ने बताया, खून से लथपथ भाई को देख जोर-जोर से रोने लगी
हादसे के वक्त मैं भी ग्राउंड में खेल रही थी लेकिन जब भाई गोल पोस्ट के नीचे दबा, उस वक्त मैं अपनी सहेलियों के साथ ग्राउंड के दूसरी ओर थी। भाई के चोट लगने की बात मुझे सहेलियों ने बताया। वहां गई तो देखा कि भाई के मुंह से खून निकल रहा था और उसे डॉक्टर के पास ले जाने की तैयारी कर रहे थे। भाई को ऐसी हालत में देखते ही मैं जोर-जोर से रोने लग गई।- रौनक, निखिल की छोटी बहन

पढ़ाई में होशियार था निखिल
मां कविता ने बताया कि निखिल (13) बड़ा बेटा था। छोटी बेटी रौनक (12) है। वह भी तीन साल से उसी स्कूल में पढ़ती है। निखिल पढ़ाई में बहुत होशियार था। वह हर बार अपने पिता को क्लास में फर्स्ट आने की बात कहता था। मां के अनुसार निखिल अक्सर फर्स्ट डिविजन से ही पास होता था।
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