बच्चे के शव को शवगृह में रखवा दिया है। गुरुवार को परिजनों के बयान लेने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। साथ ही शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - दिलबाग सिंह, शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी
मृतक के पिता बीएसएफ में हवलदार
निखिल के पिता कुलदीप बीएसएफ में हवलदार हैं। वह ओडिशा में तैनात हैं। हादसे की सूचना मिलते ही वह वहां से रोहतक के लिए रवाना हो गए।
ग्राउंड में खेल रही बहन को सहेलियों ने बताया, खून से लथपथ भाई को देख जोर-जोर से रोने लगी
हादसे के वक्त मैं भी ग्राउंड में खेल रही थी लेकिन जब भाई गोल पोस्ट के नीचे दबा, उस वक्त मैं अपनी सहेलियों के साथ ग्राउंड के दूसरी ओर थी। भाई के चोट लगने की बात मुझे सहेलियों ने बताया। वहां गई तो देखा कि भाई के मुंह से खून निकल रहा था और उसे डॉक्टर के पास ले जाने की तैयारी कर रहे थे। भाई को ऐसी हालत में देखते ही मैं जोर-जोर से रोने लग गई।- रौनक, निखिल की छोटी बहन
पढ़ाई में होशियार था निखिल
मां कविता ने बताया कि निखिल (13) बड़ा बेटा था। छोटी बेटी रौनक (12) है। वह भी तीन साल से उसी स्कूल में पढ़ती है। निखिल पढ़ाई में बहुत होशियार था। वह हर बार अपने पिता को क्लास में फर्स्ट आने की बात कहता था। मां के अनुसार निखिल अक्सर फर्स्ट डिविजन से ही पास होता था।