गांव में लगाया गया मेडिकल कैंप
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पटियाला के राजपुरा के नजदीक गांव बठौनियां कला में 100 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त लगने से बीमार पड़ गए हैं। जिनमें से छह की हालत ज्यादा खराब होने के कारण उन्हें राजपुरा के सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। उधर उल्टी-दस्त के इतने ज्यादा केस सामने आने से सेहत विभाग में हड़कंप मचा है। विभाग ने गांव में मेडिकल चेकअप कैंप लगाकर मरीजों में मुफ्त दवाएं बांटीं।
सिविल सर्जन डॉ हरीश मल्होत्रा ने बताया कि गांव बठौनियां कला में दूषित पानी पीने से बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो गए हैं। इसका पता लगते ही सिविल सर्जन की अगुवाई में टीम ने स्थिति का जायजा लेने के लिए गांव का दौरा किया। सेहत विभाग ने गांव में मेडिकल चेकअप कैंप लगाकर 190 लोगों की जांच की। जिनमें से रविवार को 92 और सोमवार को 30 मरीजों को उल्टी-दस्त की पुष्टि हुई।
इनमें से छह मरीजों की हालत ज्यादा खराब है, जिन्हें राजपुरा के सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सिविल सर्जन ने बताया कि साथ ही विभाग की टीमों ने घर-घर सर्वे किया। टीम ने लोगों को इस बीमारी से बचने के लिए जागरूक किया। पानी को शुद्ध करने के लिए 6700 के करीब क्लोरीन की गोलियां और 862 ओआरएस के पैकेट बांटे गए।
पीने वाले पानी में सीवेरज का पानी मिक्स होने से हुई समस्या: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ हरीश मल्होत्रा ने बताया कि गांव में पीने वाले पानी में सीवरेज का पानी मिक्स होने से लोग उल्टी-दस्त की बीमारी का शिकार हो रहे हैं। इस संबंध में राजपुरा के एसडीएम को अवगत करा दिया गया है। गांव में पीने वाले पानी की लीकेज को ठीक कराने और गैरकानूनी कनेक्शनों को कटवाने के लिए कहा गया है।
बताया कि गांव में विभिन्न जगहों से पांच पानी के सैंपल लेकर लैब में जांच को भेजे गए हैं। इसके अलावा मरीजों के मल के सैंपल भी जांच को लैब में भेजे हैं। गांव के लोगों को फिलहाल टैंकरों से पानी मुहैया कराया जा रहा है। बताया कि जब तक स्थिति काबू में नहीं होगी, तब तक मेडिकल कैंप जारी रहेगा।