इंटरनेशनल एयरपोर्ट 48 वर्ष पूरा कर चुका है लेकिन सिस्टम की लाचारी से अब तक यह एयरपोर्ट देश के 12 शहरों और तीन विदेशी डेस्टीनेशन से ही जुड़ सका है। ऐसा नहीं है कि चंडीगढ़ से यात्री कम हैं या विमान खाली जाते हैं पर पब्लिक की लाख मांग के बाद भी यहां से सीमित फ्लाइट्स ही शुरू हो सकी हैं।
फ्लाइट न शुरू होने की कई बाधाएं हैं जो बरसों से दूर ही नहीं हो सकीं हैं। इस कारण यात्रियों को परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। एयरपोर्ट के रनवे का काम पूरा नहीं हुआ। इस कारण वाच ऑवर भी नहीं बढ़ सका है और यात्रियों को फ्लाइट भी मनचाहे समय पर नहीं मिल रही है।
यह व्यवस्था नहीं हुई है पूरी
इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे मौजूदा समय में 9000 फीट का है। इसे 10,800 फीट का बनाया जाना है लेकिन अब तक इसका काम पूरा नहीं हो पाया है। चौड़े रनवे का काम अभी 5400 फीट पूरा हुआ है। इसमें अभी 5400 फीट का काम बाकी है। इसका काम पूरा नहीं होने के कारण फ्लाइट्स उड़ाने के लिए वाच ऑवर नहीं बढ़ाए जा सके। इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सुबह 7.25 बजे से रात दस बजे तक फ्लाइट का संचालन किया जाता था लेकिन अब रनवे रिपेयर के कारण फ्लाइट्स का संचालन सुबह 7.25 बजे से शाम को छह बजे तक किया जा रहा है। इस कारण यात्रियों को मनचाहे समय में फ्लाइट्स नहीं मिल पाती है।
अभी यहां-यहां की फ्लाइट्स
इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली, श्रीनगर, पुणे, कुल्लू, बंगलूरू, कोलकाता, जयपुर, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद, लेह, इंदौर के लिए लोकल डेस्टीनेशन की फ्लाइट शुरू हो चुकी हैं। वहीं इंटरनेशनल डेस्टीनेशन में दुबई, शारजाह और बैंकाक शामिल हैं।
यहां के लिए नहीं शुरू हो पाई फ्लाइट
अभी तक इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गोवा, पटना, वडोदरा, केरल, चेन्नई के लिए डायरेक्टर फ्लाइट्स नहीं शुरू हो पाई हैं। यहां भी विमानन कंपनियों की ओर से डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू करने का प्रपोजल बनाया गया था लेकिन अभी तक फ्लाइट्सशुरू नहीं हो पाई हैं। वहीं इंटरनेशनल फ्लाइट्स कनाडा, लंदन, अमेरिका के लिए शुरू की जानी थी लेकिन रनवे और वॉच आवर का काम पूरा नहीं हो पाया।
इस कारण फ्लाइट्स अभी तक नहीं शुरू हो पाई। विमानन कंपनियों की ओर से इसके लिए पूरी तैयारी की गई है लेकिन सुविधाएं पूरी नहीं होने के कारण फ्लाइटस का संचालन नहीं हो पाया है।
यात्रियों की संख्या में हुआ इजाफा
वर्ष 2015 में जहां यात्रियों की संख्या एयरपोर्ट पर 15 लाख थी। वहीं अब यह वर्ष 2018 में अब तक यात्रियों की संख्या बढ़कर 20 लाख हो गई है। हर साल 1.5 लाख यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। वाच आवर नहीं बढ़ने के कारण विमानन कपंनियों को फ्लाइट्स का संचालन करने की अनुमति नहीं मिलती है। इस कारण वह यात्रियों की मांग के हिसाब से फ्लाइट्स का संचालन नहीं कर पाएं है।