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नारनौल में बड़ा हादसा, गैस सिलेंडर फटने से नौ बच्चों समेत 12 झुलसे, अस्पताल में मची चीख-पुकार

Mon, 09 Sep 2019 09:08 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नारनौल (हरियाणा)
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घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज - फोटो : अमर उजाला
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नारनौल के गांव नूनी शेखपुरा में गैस सिलेंडर फटने से सोमवार को मकान मालिक, नौ बच्चे और दो महिलाएं झुलस गए। सभी को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घायलों में तीन-चार बच्चों की हालत गंभीर है। पुलिस ने मौका मुआयना कर मौके से जरूरी साक्ष्य लिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ितों के बयान पर आगे की कार्रवाई करेगी। 

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जानकारी के अनुसार छतरपुर, मध्य प्रदेश निवासी करीब 20 परिवार नूनी शेखपुर गांव में राम निवास सैनी के मकान में किराए पर रहते हैं। पीड़ित भरत ने बताया कि सोमवार को सभी लोग परिवार को कमरे पर छोड़कर काम पर गए थे। दोपहर करीब सवा एक बजे उन्हें सूचना मिली कि कमरे में सिलेंडर ब्लॉस्ट (छोटा सिलेंडर) हो गया और बच्चे झुलस गए हैं। 

हादसे में उनकी पांच साल की बेटी नेहा भी झुलस गई है। हेल्थ विभाग में कार्यरत मकान मालिक राम निवास ने बताया कि दोपहर में उसे सूचना मिली थी कि एक कमरे में आग लग गई है। इसके बाद वह कमरे में लगी आग बुझाने गया था और उसके पीछे अन्य लोग थे। जैसे ही वह कमरे के गेट के पास पहुंचा, कमरे में जोरदार ब्लॉस्ट हुआ है। 

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इससे उसके साथ अन्य भी आग की चपेट में आ गए। सिलेंडर के ब्लॉस्ट से आसपास के कमरों को भी नुकसान हुआ है। ब्लॉस्ट की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सभी को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। दूसरी ओर फायर विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। फायर अधिकारी ने बताया कि दोपहर डेढ़ बजे आग लगने की सूचना मिली थी। 

नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार खुद इमरजेंसी में पहुंचे और पूरे मामले पर नजर बनाए हुए थे। घायलों की पहचान नूनी शेखपुरा निवासी राम निवास (मकान मालिक), छतरपुर मध्य प्रदेश निवासी नेहा पुत्री भरत (5), रमेश की पुत्री नेंसी (11), प्रिंस (1), प्रीति (3), माया (32) पत्नी भगवान दास, दुर्जन की पत्नी विनीता (27) व बेटी रानी (7), प्रकाश (3) पुत्र बालकिशन, किशन (6) पुत्र गुलशन, प्रेमपाल की बेटी पूजा (6) व किरण (8) के रूप में हुई है। 

घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। सभी को जयपुर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के तीन-चार बच्चे 60 फीसदी से अधिक झुलसे हैं। दूसरी ओर एसपी दीपक सहारण भी जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के बारे में जानकारी ली।

इमरजेंसी वार्ड बच्चों की चीख पुकार से गूंजा 
सिलेंडर ब्लॉस्ट से घायलों में नौ बच्चे हैं। गंभीर रूप से जले हुए बच्चों की चीख पुकार से इमरजेंसी का ओटी वार्ड गूंज उठा। जिस वक्त बच्चों को अस्पताल लाया गया था, उनके परिजन मौके पर नहीं पहुंचे थे। ऐसे में इन बच्चों को हेल्थ विभाग के कर्मचारियों ने उपचार देने के बाद संभाला था। जलने की दर्द से बच्चे कराह रहे थे।

बच्चों के जलने की सूचना मिलते ही परिजन भागे अस्पताल
छतरपुर, मध्य प्रदेश के करीब 20 से अधिक परिवार नूनी शेखपुरा में किराए पर रहकर मजदूरी का काम करते हैं। सुबह दो महिलाओं को छोड़कर सभी काम पर गए थे। दोपहर करीब एक बजे सिलेंडर ब्लॉस्ट होने की सूचना मिली तो सभी काम छोड़कर अस्पताल की ओर भागे। माता-पिता इरमजेंसी में अपने बच्चों को किसी तरह खोजा।

नेहा के पिता भरत ने बताया कि रोजाना बच्चों को कमरे में छोड़कर काम पर जाते थे। बच्चे कैंपस में खेलते रहते थे। उन्हें क्या पता था कि ऐसा हो जाएगा। बेटी के जलने के सूचना मिलते ही दोनों काम छोड़कर अस्पताल भागे। हालांकि उनकी बेटी कम झुलसी है, लेकिन, कई बच्चे गंभीर रूप से झुलसे हैं। 

मिस्त्री ने मालिक के बेटे पर लगाया आरोप
छतरपुर निवासी राम कैलाश कुशवाहा राम निवास सैनी के कमरे में किराए पर भाई के साथ रहता है। राम कैलाश ने बताया कि सोमवार की सुबह वह रूम पर था। इसी दौरान एक व्यक्ति काम पर उसे बुलाने के लिए आया। इस पर उसने अपनी मजदूरी सात सौ रुपये बताया। इसी बीच मकान मालिक का बेटा मनीष ने कहा कि वह 500 रुपये का मिस्त्री है। 
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इसी बात को लेकर दोनों में बहस हो गई। कैलाश ने बताया कि मनीष ने उसे धमकी दी कि वह रूम खाली कर दें, नहीं तो बुरा होगा। इसके बाद कैलाश व उसका भाई काम पर चले गए। कैलाश ने बताया कि मनीष ने कैंपस में मेन रोड पर दुकान कर रखी है। लेकिन, वह मनीष की दुकान से सामान नहीं लेता था। इससे भी मनीष उससे रंजिश रखता था। उसने आरोप लगाया कि मनीष ने ही अपने साथी के साथ मिलकर उसके कमरे में आग लगाई। इससे 12 लोग झुलस गए। लोगों का कहना है कि बेटे व पिता में विवाद भी हुआ था। 

बाहर से आग लगाए जाने की आशंका 
राम कैलाश का कमरा सबसे अंत में बना हुआ है। कमरे के पीछे की खिड़की में जाली नहीं लगी हुई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कमरे में पीछे से आग लगाई गई होगी। आग से कमरे का पूरा सामान जल गए। आशंका जताई जा रही है कि आग की चपेट में आने से सिलेंडर में ब्लॉस्ट हुआ होगा। मकान मालिक राम निवास के अनुसार वह कमरे में आग बुझाने के लिए गया था। पुलिस ने मौके से सिलेंडर समेत अन्य सामान इकट्ठा किया है। जिससे आग लगने के कारणों का पता चल सके। 

तहसीलदार ने दौरा किया
तहसीलदार रोशन लाल ने घटनास्थल का दौराकर घायलों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी से बच्चों व परिवार के बारे में जानकारी ली। पुलिस ने पूरे कमरे की जांच की। इसमें पाया कि कमरे का पूरा सामान जला हुआ था। दूसरे कमरे की शीट भी टूट गई थी और बड़ा हादसा हो सकता था।

घायलों के बयान पर आगे की कार्रवाई होगी। इसके लिए जांच अधिकारी को जयपुर भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। - दीपक सहारण, एसपी नारनौल। 
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